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छह कैदियों को मिली रिहाई

Thu, 05 Jan 2017 11:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो सितारगंज
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। संपूर्णानंद शिविर (खुली जेल) व सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे छह बुजुर्ग कैदियों को शासन से रिहाई मिल गई है। राज्यपाल के आदेश पर जेल अधीक्षक ने इनको रिहा कर दिया। इनमें तीन संपूर्णानंद शिविर (खुली जेल) के शिविरवासी कैदी और तीन सेंट्रल जेल के कैदी हैं।   

राज्यपाल डा. केके पॉल की ओर से जारी तीन शिविरवासी कैदियों और तीन सेंट्रल जेल के कैदियों को रिहा करने संबंधी आदेश बुधवार की रात को संपूर्णानंद शिविर जेल में पहुंचा। बृहस्पतिवार को जेल अधीक्षक टीडी जोशी ने विभागीय प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद हत्या के दोष में आजीवन कारावास की सजा काट रहे शिविरवासी कैदी सितारगंज के वार्ड संख्या छह नहरपार निवासी वीरन लाल (60) पुत्र हरचरन लाल, ग्राम अमतोड़ा जिला बागेश्वर निवासी शिव सिंह (56) पुत्र माधव सिंह व सुभाष कालोनी रुद्रपुर निवासी हसमत खां (55) पुत्र मनफूल खां, सेंट्रल जेल में हत्या के दोष में सजा काट रहे कैदी अल्मोड़ा जिले के खुमाड़ ग्राम निवासी हरि दत्त (64) पुत्र नारायण दत्त, अल्मोड़ा जिले के दाडिनी ग्राम निवासी पान सिंह (62) पुत्र कुंवर सिंह और अल्मोड़ा जिले के ही सारसों ग्राम निवासी गुंसाई सिंह (67) पुत्र आलम सिंह को रिहा कर दिया।   
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जेल से बाहर आते ही इन कैदियों के चेहरे में जेल से रिहा होने की खुशी साफ झलक रही थी। अपने परिवार से मिलते ही इनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।  जेल अधीक्षक टीडी जोशी ने बताया कि खुली जेल का शिविर वासी कैदी वीरन लाल 16 वर्ष तीन माह, शिव सिंह 16 वर्ष पांच माह तीन दिन व हसमत खां 16 वर्ष सात माह पांच दिन,  सेंट्रल जेल का कैदी हरि दत्त 16 वर्ष एक माह 21 दिन, पान सिंह 18 वर्ष तीन माह 22 दिन एवं गुंसाई सिंह 19 वर्ष आठ माह 25 दिन की सजा काट चुके हैं। बताया कि ये शिविरवासी व कैदी दस साल पहले जेल में शिफ्ट हुए थे।
 

राज्यपाल ने संविधान में धारा 161 के तहत दिए गए अधिकारों का प्रयोग करते हुए जेल में काटी हुई सजा के अतिरिक्त शेष सजा को माफ कर छह कैदियों को रिहा करने का आदेश दिया।  जेल अधीक्षक ने राज्यपाल के आदेश का पालन करते हुए उन्हें रिहाई दे दी। ब्यूरो


संपूर्णानंद शिविर (खुली जेल) व सेंट्रल जेल में 14 वर्ष से अधिक की सजा काट चुके 49 कैदियों में भी जल्द ही खुली हवा में सांस लेने उम्मीद बढ़ गई है। इन कैदियों की फाइलें भी शासन में लंबित हैं। प्रमुख सचिव गृह की अध्यक्षता में इन कैदियों की सजा माफी पर भी विचार किया गया था।  


बृहस्पतिवार को संपूर्णानंद खुली जेल व सेंट्रल जेल से रिहा छह कैदियों समेत शिविर के (सिंगल मर्डर) उम्रकैद के 45 व सेंट्रल जेल के 25 कैदियों से गत 17 अक्तूबर को आईजी जेल पीवीके प्रसाद ने मुलाकात की थी और उनके अपराध की कंडीशन जानी थी। जिनमें से 14 वर्ष से अधिक सजा भुगतने वाले खुली जेल के 40 बुजुर्ग शिविरवासी कैदी व सेंट्रल जेल के 15 बुजुर्ग कैदियों की रिहाई पर संस्तुति की मोहर लगाई थी।
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 आईजी प्रसाद ने इन कैदियों को रिहा करने का प्रस्ताव 20 अक्तूबर को देहरादून में प्रमुख सचिव गृह की अध्यक्षता में गठित रिव्यू कमेटी के समक्ष रखा था। जेल अधीक्षक जोशी ने बताया कि आईजी की संस्तुति के बाद ही राज्यपाल द्वारा शिविर के तीन व सेंट्रल जेल के तीन कैदियों को रिहाई मिली है। इनको रिहा किए जाने अन्य कैदी व शिविर वासियों में भी रिहाई की उम्मीद बन रही है। 
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