फर्जी शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच कर रही एसआईटी को गदरपुर और सितारगंज के बाद अब बाजपुर के चार फर्जी शिक्षकों के सेवा अभिलेखों का इंतजार है। मंगलवार को उप शिक्षा अधिकारी कार्यालय से एसआईटी ने 13 शिक्षकों के सेवा अभिलेखों को जब्त किया था। बुधवार को बाजपुर से भी एसआईटी को दस्तावेज मिलने की उम्मीद थी, लेकिन उपशिक्षा अधिकारी कार्यालय से एसआईटी को दस्तावेज उपलब्ध नहीं हो पाए।
शिक्षा विभाग में वर्ष 2016 में बीटीसी की फर्जी अंकतालिका और अन्य प्रमाण पत्रों से शिक्षकों के भर्ती होने का मामला सामने आया था। शिक्षा विभाग की जांच में 17 शिक्षकों के फर्जी प्रमाण पत्रों पर नियुक्ति पाने की पुष्टि के बाद विभाग ने उनकी सेवा समाप्त कर पंतनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया। एक सप्ताह पूर्व मामले की जांच के लिए एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने एसआईटी का गठन किया था।
मंगलवार को एसआईटी ने सितारगंज और गदरपुर उप शिक्षा अधिकारी कार्यालय से 13 शिक्षकों के सेवा अभिलेख कब्जे में लिए। उप शिक्षा अधिकारी कार्यालय बाजपुर ने बुधवार को भी दस्तावेज उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन एसआईटी को दस्तावेज उपलब्ध नहीं हो पाए। दस्तावेज मिलने के बाद इन्हें जांच के लिए इलाहाबाद शिक्षा बोर्ड भेजा जाएगा। इधर, प्राप्त दस्तावेजों की पड़ताल के बाद एसआईटी शिक्षकों को फर्जी डिग्री देने वाले कुछ स्कूलों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी अपनी जांच के दायरे में लाने की तैयारी कर रही है।