डीएम ने सरकारी अस्पताल का निरीक्षण कर मरीजों से मिल रहे उपचार की जानकारी ली। उन्होंने मरीजों की दवा बाहर से लिखने वाले डॉक्टर की जांच सीएमओ से कराने के साथ अस्पताल गेट के पास इंदिरा अम्मा कैंटीन खोलने, मरीजों के बैठने के लिए बैंच की व्यवस्था और अस्पताल के भीतर संचालित कैंटीन को बाहर स्थापित करने के निर्देश अधीनस्थों को दिए। बुधवार को डीएम चंद्रेश यादव ने अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने दवाई स्टोर, ट्रामा सेंटर, महिला-पुरुष वार्ड, एक्स-रे कक्ष, ओपीडी, ब्लड बैंक का निरीक्षण किया।
स्टोर में दवाईयों की कमी मिलने पर उन्होंने सीएमएस को दवा खरीदने के निर्देश दिए। उन्होंने वार्डों में भर्ती मरीजों का हाल पूछा। भाजपा कार्यकर्ता राजकुमार ने बीमा कार्ड बनाने के नाम पर सौ-सौ रुपए वसूलने का आरोप लगाया। डीएम ने कार्ड के नाम पर रुपए नहीं देने की बात कही। कहा कि कार्ड इंटरनेट के माध्यम से कहीं से भी प्रिंट करवा लो। हड्डी रोड विशेषज्ञ पर बाहर से दवा मंगाने की शिकायत भी की गई। शिकायतकर्ता ने कहा कि इससे गरीबों को दिक्कतें हो रही हैं। दवा काउंटर के पास बुजुर्ग और बीमारों के बैठने की व्यवस्था नहीं है। डीएम से सरकारी अस्पताल के रैफर सेंटर बनने, दलालों के जमघट, गुलजारपुर में धड़ल्ले से अवैध खनन के सवाल पूछे गए तो उन्होंने चुप्पी साध ली। निरीक्षण के संबंध में डीएम चंद्रेश यादव ने कहा कि अस्पताल की सफाई व्यवस्था ठीक है।
पर्चा काउंटर और ओपीडी में मरीजों और बीमारों के बैठने के लिए बैंच लगाने के लिए सीएमएस को निर्देश दिए गए हैं। एक संविदा डॉक्टर के खिलाफ बाहर से दवाई मंगाने की शिकायत मिली है, जिसकी जांच सीएमओ से कराई जाएगी। अस्पताल गेट के पास इंदिरा अम्मा कैंटीन खोलने के लिए एसडीएम और सीएमएस को निर्देश दिया गया है। एक हफ्ते में अल्ट्रासाउंड मशीन ठीक हो जाएगी और इसका फायदा गरीबों को मिलने लगेेगा।