मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बागी विधायक और पेशे से डाक्टर शैलेंद्र मोहन सिंघल के क्षेत्र में पहुंचकर कार्यकर्ताओं की सर्जरी कर अपनी ताकत का अहसास कराया। जनसभा में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए सिंघल पर हमला बोला। उन्होंने जनता से चुनाव में ऐसे फिरकापरस्तों को मुंह तोड़ जवाब देने का आह्वान किया।
सीएम हरीश रावत और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने सैकड़ों समर्थक और पदाधिकारियों के साथ भाजपा छोड़कर आए कद्दावर नेता आदेश चौहान को पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई। सपा के पूर्व प्रदेश सचिव सुल्तान भारती, नगर अध्यक्ष हकीम जफर और उनके समर्थकों के साथ ही बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अरविंद चौहान, कोषाध्यक्ष अखिलेश दीवान, बार काशीपुर के सचिव भूपेंद्र सिंह गहलौत और अन्य अधिवक्ताओं ने सदस्यता ग्रहण की।
बुधवार को तय कार्यक्रम से दो घंटे देरी से पहुंचे सीएम हरीश रावत मंडी परिसर में बने मंच पर जाने के बाद चिरपरिचित अंदाज में दर्शक दीर्घा में जा पहुंचे। उन्होंने दीर्घा में बैठे महिला, बुजुर्ग और बच्चों से बातचीत की और फिर मंच से लोगों का अभिवादन किया। जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश में सबसे ज्यादा पेंशन उनकी सरकार चला रही है।
महिलाओं को मनरेगा से जोड़ने के साथ ही बुनकरों को भी सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। जसपुर में टैक्सटाइल पार्क का जल्द ही कार्य शुरू होगा। उन्होंने कहा कि जसपुर में रोडवेज बस अड्डे के लिए बजट मंजूर हो गया है, जल्द ही बस अड्डे का शिलान्यास किया जाएगा। उन्होंने जलौनी लकड़ी पर लगे पांच फीसदी कर को हटाने का भरोसा दिलाते हुए बीपीएड, डीपीएड शिक्षकों की समस्या जल्द दूर करने की बात कही।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि सियासत की कुर्सी हथियाने के लिए शैलेंद्र मोहन सिंघल ने जसपुर की जनता से धोखा किया है। उत्तराखंड की जनता ऐसे लोगों को कभी माफ नहीं करेगी। कार्यक्रम का संचालन नगराध्यक्ष इख्तियार बब्लू, गजेन्द्र सिंह, सुखवीर भुल्लर ने किया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष नारायण सिंह बिष्ट, पूर्व ब्लाक प्रमुख रवि कुमार, डॉ.यूनूस चौधरी, अनुपम शर्मा, बलवीर सहोता, वरुण चौधरी, आसिफ रजा, अरुण चौहान आदि मौजूद थे।
सीएम हरीश रावत का विरोध करने जा रहे कई भाजपाइयों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। करीब दो घंटे बाद सीएम का कार्यक्रम खत्म हुआ तो पुलिस ने उनको छोड़ा। बुधवार को भाजपाई सीएम को काले झंडे दिखाने के लिए शिशु मंदिर स्कूल में एकत्र हुए। सीओ जीसी टम्टा सहित पुलिस अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को समझाने की कोशिश की, मगर वे नहीं माने। इसके बाद पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर कुंडा थाने में ले गई। सीएम के जाने के बाद सभी को छोड़ दिया गया। विरोध करने वालों में कमल चौहान, बलराम तोमर, मनोज पाल, वीरेन्द्र सिंह, प्रेम सहोता, विमल अग्रवाल, मनोज तोमर, हरप्रीत हैप्पी, राजीव कुमार आदि शामिल रहे।
। सीएम हरीश रावत को लोगों नेविभिन्न मांगों के ज्ञापन सौंपे। किसान सेवा के अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह ने वैधनाथन कमेटी की सिफारिशें लागू करने, बीएड- टीईटी बेरोजगारों ने भर्ती करने, किसानों ने वर्ग एक ख की भूमि को वर्ग एक क संक्रमणीय भूमिधरी में दर्ज करने, बीएड एवं शिक्षा आचार्य की भर्ती करने, मोहम्मद शब्बीर ने ऊर्दू शिक्षकों की विज्ञपति जारी करने,भाकियू ने बकाया भुगतान कराने समेत लकड़ी व्यापार मंडल ने जलौनी लकड़ी को कर मुक्त करने को ज्ञापन सौंपे। सीएम ने संबधित अफसरों को समस्याओं के निस्तारण के निर्देश दिए। कार्यक्रम में डीआईजी अजय रौतेला, प्रभारी डीएम आशीष श्रीवास्तव, एसएसपी अनंत शंकर ताकवाले, एएसपी टीडी बेला, एसडीएम पूरन राणा, युक्ता मिश्र आदि मौजूद थे।