रुद्रपुर। किच्छा हाईवे पर भगवान शिव का मंदिर तोड़ने के विरोध में कांग्रेस नेता अरुण शुक्ला उर्फ किन्नू ने आमरण अनशन पर बैठ गए। उन्होंने प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। पूर्व सीएम हरीश रावत और किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ कार्यकर्ताओं के साथ धरनास्थल पर पहुंचकर उ और पूर्व सीएम हरीश रावत भी समर्थकों संग धरना स्थल पर पहुंच गए।
एनएच 74 स्थित राधा स्वामी सत्संग भवन से बिलासपुर क्षेत्र से होती हुई सिडकुल तक रिंग रोेड निर्माणाधीन है। एनएच 74 और रिंग रोड के कोने पर शिव मंदिर है। रिंग रोड निर्माण के चलते प्रशासन और एनएचएआई ने मंदिर का ध्वस्तीकरण कर दिया गया। इससे खफा अरुण शुक्ला समर्थकों के साथ ध्वस्तीकरण वाली जगह पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने भरोसा दिया था कि मंदिर से 11 फीट छोड़कर रिंग रोड का निर्माण किया जाएगा। इसके बावजूद मंदिर तोड़ दिया गया। उन्होंने चेताया कि जब तक मंदिर को पुनर्स्थापित नहीं किया जाता तब तक धरना जारी रहेगा।
वहां पहुंचे किच्छा विधायक बेहड़ ने कहा कि एनएच 74 के चौड़ीकरण के दौरान मंदिर आ रहा था। उस समय भी मंदिर छोड़कर चौड़ीकरण किया गया था। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि यदि कोई बदलाव किया जाना है तो लोगों से बात करनी चाहिए थी। जनभावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। वहां पर सुखदेव सिंह, मेजर सिंह, विनोद मौर्य, बाबू कोली, वीरेंद्र यादव, इंद्रजीत सिंह चीमा, राजेंद्र शर्मा, पप्पू दुआ, मौजूद रहे।
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निशान के पार जाकर तोड़ दिया टीनशेड
घर के बाहर लगा टीनशेड और नाली किसी भी तरीके से अतिक्रमण की जद में नहीं आ रहा है। इसके बावजूद तोड़ दिया गया है। इससे करीब एक लाख का नुकसान हुआ है। इसकी भरपाई के लिए जरुरी औपचारिकता शुरु कर दी गई है। - रमाशंकर पांडेय, पीड़ित
- कार्रवाई के दौरान यहां पहुंचे अधिकारियों का रवैया बेहद शर्मनाक था। जो मकान या निर्माण अतिक्रमण की जद में नहीं थे उन्हें भी क्षतिग्रस्त व ध्वस्त कर दिया गया है।- अतर सिंह, पीड़ित