काशीपुर। दिव्य ज्योति जागृति की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा नवाह ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन कथा वाचक साध्वी कालिंदी भारती ने तृतीय स्कंध का बहुत ही भव्य प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने बताया कि भगवान भाव के भूखे हैं, जो भी उनको भाव से पुकारता है तो वह पहुंच जाते हैं।
रामनगर रोड स्थित श्रीराम लीला मैदान में आयोजित कथा का शुभारंभ अतिथि ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कथा वाचक साध्वी कालिंदी भारती ने कहा कि समाज के कुछ प्रबुद्ध लोगों का कहना है कि भगवान होते हुए भी कृष्ण ने प्रलयकारी महाभारत को रोका क्यों नहीं। भगवान श्री कृष्ण ने महाभारत के प्रलयकारी युद्ध को रोकने का हरसंभव प्रयास किया। युद्ध से पहले वह शांतिदूत बनकर गए। उन्होंने साम-दंड-भेद सब नीतियों से उस दुर्बुद्धि को समझाने को सन्मार्ग दिखाने की भरपूर कोशिश की। यह सब युद्ध रोकने के प्रयास ही तो थे। कहा कि परमात्मा अपनी दिव्य शक्ति के माध्यम से किसी की कर्म करने की स्वतंत्रता को छीनता नहीं है। उसने हर निर्णय लेने व कर्म करने की पूर्ण स्वतंत्रता दी है। वह तो केवल सही राह दिखाता है। जो भगवान श्री कृष्ण ने किया। यहां पर मुख्य यजमान अनिल मित्तल, अनमोल मित्तल, रितेश डाबर, अमन सारस्वत, वसंत वल्लभ भट्ट, विभाग प्रचारक इन्द्र मोहन, अजय, राजीव कौशिक, कमला रेखाड़ी आदि मौजूद रहीं।