लालपुर में एसडीएम से वार्ता करते विधायक शुक्ला।
- फोटो : amar ujala
एनएच-74 पर गल्फार और एनएच कर्मियों द्वारा चौड़ीकरण की जद में आ रहे भवनों को हटाने के लिए दोबारा चिन्हीकरण को लेकर लालपुर के व्यापारी भड़क गए। उन्होंने चिन्हीकरण का विरोध करते हुए हंगामा किया। टीम के साथ व्यापारियों की तीखी नोंकझोंक भी हुई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे विधायक राजेश शुक्ला ने मामले की जानकारी फोन पर डीएम को दी। इस पर एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर विधायक और व्यापारियों से वार्ता के बाद टीम को वापस भेज दिया।
बृहस्पतिवार को गल्फार व एनएच के कर्मचारी लालपुर बाजार में पहुंचे और उन्होंने भवनों पर लाल निशान लगाकर व्यापारियों से अतिक्रमण हटाने को कहा। इस पर व्यापारी भड़क गये। व्यापारी और कर्मियों के बीच तीखी नोंकझोंक शुरू हो गई। व्यापारियों ने एक इंच भी जगह देने से इनकार कर दिया और मामले की सूचना विधायक राजेश शुक्ला को दी। विधायक ने व्यापारियों की बात सुनकर डीएम डॉ. नीरज खैरवाल से फोन पर बात की। विधायक की शिकायत पर डीएम ने एसडीएम रोहित मीणा को तत्काल मौके पर भेजा। विधायक ने एसडीएम को बताया कि एनएच ने जितनी भूमि व्यापारियों से खाली करने को कहा था, उतनी जगह पूर्व में व्यापारी खाली कर चुके हैं। अगर इन्हें और भूमि चाहिये थी तो पहले ही चिन्हीकरण करना चाहिये था।
विधायक ने कहा कि एनएच के अधिकारी व्यापारियों का उत्पीड़न कर रहे हैं, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि व्यापारी अतिक्रमण हटाने के बाद अपनी दुकानें दोबारा बना चुके हैं। अब तोड़फोड़ की गई तो व्यापारियों को दोबारा नुकसान उठाना पड़ेगा। इस पर एसडीएम ने चिन्हीकरण रोककर टीम को वापस भेज दिया। इस मौके पर पप्पू रंधावा, अक्षय अरोड़ा, बलजीत सिंह, रामेश्वर दयाल, कृष्ण प्यारे, शराफत, सतीश कुमार, नरेंद्र सिंह, रमेश कुमार, अमित कुमार, रोहित आदि मौजूद मौजूद रहे।