विधानसभा चुनावों के नजदीक आते ही राजनीतिक दलों में भी एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने की प्रतिस्पर्धा अपने चरम पर पहुंच गई है। कहीं राजनीतिक दल के लोग सिर्फ अपने नाम को प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाकर हंगामा कर रहे हैं तो कहीं एक दूसरे की नाकामी जनता को दिखाकर उन्हें अपने पक्ष में करने की कोशिशें हो रही हैं। रविवार को रविंद्र नगर क्षेत्र स्थित एक के लोकार्पण कार्यक्रम में मंदिर के शिलापट में नाम न होने को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गई।
मामला रविंद्र स्थित श्रीश्री दुर्गा मंदिर में नवनिर्मित कक्ष के लेंटर के लोकार्पण का था। जब रविवार सुबह क्षेत्रीय विधायक राजकुमार ठुकराल लेंटर के लोकार्पण के लिए पहुंचे तो वहां मौजूद मंदिर कमेटी के अध्यक्ष कांग्रेस समर्थक शिवपद सरदार ने विरोध शुरू कर दिया। उनका कहना था कि शिलापट पर विधायक के साथ ही अन्य भाजपाइयों का नाम लिखा गया है लेकिन मंदिर कमेटी के लोगों का नाम नहीं है।
इस पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि निर्माण विधायक निधि से हुआ है। इसके साथ ही वहां मौजूद भाजपा से पार्षद चुनी गईं प्रमिला साहनी के पति ने भी पत्नी का नाम शिलापट पर अंकित न किए जाने पर जमकर हंगामा काटा। हंगामे के दौरान विधायक राजकुमार ठुकराल अपने समर्थकों के साथ ही मंदिर परिसर में धरने पर बैठ गए। इसकी सूचना पर पहुंचे जिला और पुलिस प्रशासन द्वारा लोगों को समझाने के बाद मामला शांत हुआ और विधायक ठुकराल ने शिलान्यास कार्य संपन्न किया।