जवाहर लाल नेहरू जिला चिकित्सालय में महिला समेत सात लोग तंबाकू सेवन करते पकड़े गए। सभी का चालान कर 200-200 रुपये का जुर्माना वसूला गया। टीम को चालान काटते देख अस्पताल परिसर में धूम्रपान कर रहे कई तीमारदार भाग खड़े हुए।
तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिला अस्पताल की टीम ने अस्पताल परिसर में धूम्रपान और गुटखा चबा रहे लोगों के खिलाफ सोमवार को भी कार्रवाई जारी रखी। अस्पताल परिसर में धूम्रपान कर रही खेड़ा निवासी एक महिला समेत सात लोगों के चालान काटे गये। इससे अस्पताल परिसर में गुटखा चबा रहे और धूम्रपान कर रहे लोगों में अफरातफरी मच गई। कई तीमारदार कार्रवाई से बचने के लिए गेट के बाहर हो लिये। तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की प्रभारी मनोवैज्ञानिक दशमेश कौर ने बताया कि सोमवार को सात लोगों के चालान काटे गये। इससे पूर्व शनिवार को नौ लोगों के चालान काटे। उन्होंने अस्पताल परिसर और गेट से 100 गज की दूरी में यदि कोई अस्पताल कर्मी भी धूम्रपान करते पकड़ा गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जून 2017 से अब तक धूम्रपान करते पकड़े गये 82 लोगों पर जुर्माना लगाया जा चुका है।
1246 पुरुषों और 176 महिलाओं का चल रहा उपचार
रुद्रपुर। रुद्रपुर में नशेड़ियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। कई लोग नशे से मुक्ति के लिए जिला अस्पताल में काउंसलिंग करवा रहे हैं। इनमें 1246 पुरुष और 176 महिलाएं शामिल हैं। भारत सरकार ने मई 2003 को राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कानून पारित किया था। जवाहर लाल नेहरू जिला चिकित्सालय में दिसंबर 2016 से यह कार्यक्रम शुरू हुआ। लेकिन स्टाफ न होने के कारण नशाखोरों पर जून 2017 से कार्रवाई होनी शुरू हुई। कार्यक्रम प्रभारी दशमेश कौर ने बताया कि वर्तमान में उनकी टीम में समाज सेविका माया खकरियाल और एक पीआरडी जवान है। अब तक 65 सरकारी विद्यालयों में नशे के खिलाफ जागरूकता के कार्यक्रम आयोजित किये जा चुके हैं।