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Udham Singh Nagar News: दूसरे दिन किसान मेले में जमकर बिके बीज

Sat, 11 Oct 2025 11:12 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
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पंतनगर किसान मेले में बीजों की खरीदारी करते किसान। संवाद
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पंतनगर। मेले के दूसरे दिन दोपहर तक लगभग 4000 से अधिक किसानों ने पंजीकरण कराया। इसके अलावा लगभग 2000 अपंजीकृत किसानों के भी मेले का भ्रमण किए जाने का अनुमान है। मेले में विवि के विभिन्न केंद्रों के स्टाॅलों से रबी फसलों के बीजों की जबरदस्त बिक्री हो रही है।
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मेला प्रभारी और निदेशक प्रसार शिक्षा डाॅ. जितेंद्र क्वात्रा ने बताया कि मेले के दूसरे दिन दोपहर तक फसल अनुसंधान केंद्र, प्रजनक बीज उत्पादन केंद्र, विश्वविद्यालय फार्म और एटिक स्टाॅलों से लगभग 72 रुपये के विभिन्न रबी फसलों के बीजों की बिक्री की गई। औषधीय एवं सगंध पौध अनुसंधान केंद्र, आदर्श पुष्प वाटिका, सब्जी अनुसंधान केंद्र, उद्यान अनुसंधान केंद्र और कृषि वानिकी अनुसंधान केंद्र के स्टाॅलों से लगभग डेढ़ लाख रुपये के बीज और पौधों की बिक्री की गई। इसके अलावा प्रकाशन निदेशालय और एटिक स्टाॅल से लगभग 12,000 रुपये के प्रकाशनों की बिक्री की गई। इधर, विशेष व्याख्यान के तहत पशुओं के रोग एवं उनका प्रबंधन औरं आय वृद्धि के लिए नवीनतम फलोत्पादन तकनीकियां विषय पर विस्तार से किसानों को जानकारी दी। उधर, गांधी हाल में आयोजित किसान गोष्ठी में किसानों के फसल, पुष्प, उद्यान, पशुपालन और प्राकृतिक खेती से संबंधित प्रश्नों का कृषि वैज्ञानिकों ने उत्तर देकर शंका समाधान किया।



विशेष कार्यक्रम के तहत किसानों को मशरूम अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र, फसल अनुसंधान केंद्र, आदर्श पुष्प विज्ञान केंद्र, सब्जी अनुसंधान केंद्र, औषधीय पौध अनुसंधान और विकास केंद्र, कृषि वानिकी अनुसंधान केंद्र, उद्यान अनुसंधान केंद्र पत्थरचट्टा, ट्रीट केंद्र, मधुमक्खी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र, शैक्षणिक मत्स्य फार्म एवं हैचरी नगला, शैक्षणिक डेरी फार्म एवं चारा बैंक और शैक्षणिक कुक्कुट फार्म नगला का भ्रमण भी कराया गया।
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केवीके स्टाॅल पर श्रीअन्न के उत्पादों का विशेष आकर्षण

पंतनगर। विवि के नौ कृषि विज्ञान केंद्रों का एक संयुक्त स्टाॅल लगाया है। यह स्टाॅल राज्य में कृषि के सतत और सर्वांगीण विकास की झलक प्रस्तुत करता है। स्टाॅल में श्रीअन्न (मोटे अनाज) किसानों के आकर्षण का केंद्र बने हुए है।

स्टाॅल पर मुख्य मोटे अनाज जैसे ज्वार, बाजरा, रागी और लघु मोटे अनाज सांवा, काकुन, चीना, कुटकी व कोदों का प्रदर्शन किया गया है। साथ ही मधुमक्खी पालन इकाई और मशरूम उत्पादन के माध्यम से उच्च संरक्षित कृषि उत्पाद के आयाम भी दर्शाए गए हैं। स्टाॅल पर हाइड्रोपोनिक खेती की जानकारी भी दी जा रही है। इसके अलावा जैविक खेती से उत्पादित फलों एवं सब्जियों के साथ ही खाद्य प्रसंस्करण कर निर्मित जैम, आचार, प्रसंस्करित खाद्य उत्पाद व हथकरघा एवं मोमबत्ती को पोषण सुरक्षा व पारिवारिक आयोपार्जन को दर्शाने के लिए रखा गया है। कृषि महाविद्यालय के स्टाल पर स्मार्ट कृषि एवं डिजिटल क्रांति द्वारा समृद्ध किसान थीम पर विद्यार्थियों की ओर से मॉडल तैयार कर किसानों को इसके प्रति जागरूक किया जा रहा है। सबसे अलग मेले में विभिन्न फर्मों की ओर से कृषि यंत्रों पर विशेष छूट और सब्सिडी प्रदान की जा रही है।

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पीएम की योजनाओं के शुभारंभ का लाइव प्रसारण

पंतनगर। पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 42 हजार करोड़ रुपये की ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ और ‘दलहन आत्मनिर्भरता मिशन’ का शुभारंभ किया। जिसका सीधा प्रसारण गांधी हाल में किया गया।



प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत देश के कम उत्पादकता वाले सौ जिलों में व्यापक कृषि विकास किया जाएगा। योजना के तहत किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि करना और प्रत्येक खेत के लिए सिंचाई सुविधा सुनिश्चित करना, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना और ऋण एवं भंडारण अवसंरचना तक आसान पहुंच प्रदान करना है। वहीं दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत प्रमुख दलहनी फसलों जैसे अरहर, उड़द और मसूर के उत्पादन को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगा।
इस मिशन के तहत केंद्रीय एजेंसियां पंजीकृत किसानों की शत-प्रतिशत उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदेंगी। जिससे उत्पादकों को उचित लाभ सुनिश्चित होगा। यह मिशन खेती के क्षेत्रों का विस्तार करने और उत्पादकता में सुधार लाने की दिशा में भी काम करेगा। यह दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर कुलपति डाॅ. एमएस चैहान, कुलसचिव, अधिष्ठाता, निदेश, संकाय सदस्य, कृषक और विद्यार्थी मौजूद रहे।

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मेले में 1.1 लाख की बिकी भैंस की कटिया



पंतनगर। मेले में शनिवार को शैक्षणिक डेरी फार्म नगला में गाभिन संकर और साहीवाल बछियों सहित भैंस की कटियों की नीलामी की गई। नीलामी में चार साहीवाल बछियों और दो कटियों की बिक्री हुई।

एक भैंस की कटिया को गौलापार के परमजीत सिंह ने अधिकतम नीलामी दर एक लाख 10 हजार रुपये बोली लगाकर खरीदा। साहीवाल बछिया की अधिकतम नीलामी दर मुरादाबाद के प्रेमवीर सिंह ने 79 हजार रुपये बोली लगाकर प्राप्त की। नीलामी में छह पशु कुल 4.30 लाख में नीलाम हुए। नीलामी के दौरान डीन वेटरनरी डाॅ. एएच अहमद, जेडी शैक्षणिक डेरी फार्म डाॅ. शिव कुमार, डाॅ. आरके शर्मा, डाॅ. एके घोष, डाॅ. जेएल सिंह, डाॅ. सुनील कुमार, डाॅ. अमित प्रसाद, डाॅ. रिपूसुदन कुमार आदि मौजूद रहे। कुलपति डाॅ. एमएस चौहान व निदेशक प्रसार शिक्षा डाॅ. जितेंद्र क्वात्रा ने नीलामी में अधिक दरें हासिल होने पर पूरी टीम को बधाई दी। नीलामी में 26 पशुपालकों ने बोलीदाता के रूप में भाग लिया और लगभग 200 किसान मौजूद रहे।

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सोयाबीन के स्टाॅल पर उमड़ी खरीदारों की भीड़



पंतनगर। मेले में लगे गुरु सोया फूड्स के स्टाॅल पर यहां आए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। स्टाॅल स्वामी डाॅ. पिन्नू ने बताया कि मेलार्थी सेहत के लिए सोयाबीन के गुणों के प्रति जागरूक हैं। इसलिए उससे बने गुणवत्तायुक्त उत्पादों की खरीद करने के लिए उनके स्टाॅल पर पहुंच रहे हैं। वह कई सालों से मेले में स्टाॅल लगा रहे हैं, अब तो कई स्टाॅल लगने लगे हैं, लेकिन उनके सोया उत्पादों की गुणवत्ता से वह स्टाॅल की ओर खिंचे चले आते हैं। ——————
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मेले में बद्री गाय का घी 2600 रुपये प्रति किलो
पंतनगर। मेले में लगे आंचल के स्टाॅल पर विभिन्न दुग्ध उत्पादों के साथ ही बद्री गाय के घी की भी बिक्री की जा रही। वैसे तो इसकी कीमत तीन हजार रुपये प्रति किलो है लेकिन मेले में इसे विशेष छूट पर 2600 रुपये प्रति किलो मूल्य पर बेचा जा रहा है। स्टाॅल पर मौजूद दुग्ध संघ के निदेशक इंदर मेहता ने बताया कि उत्तराखंड से गाय की पंजीकृत प्रजाति बद्री का दूध बहुत ही पौष्टिक होता है। देहरादून उत्पादक सहकारी संघ की ओर से निर्मित इसके 100 ग्राम घी में ऊर्जा 897 किलो कैलोरी, फैट 99.7 ग्राम, कोलेस्ट्राॅल 300 मिग्रा., सेचुरेटेड फैट 65 ग्राम, ट्रांस फैट 2.5 ग्राम, विटामिन-ए 700 और विटामिन डी 0.12 पाया जाता है।

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बिजली बिल शून्य और आमदनी भी होगी शुरू



पंतनगर। मेले में ईको बीम इन्फ्रास्ट्रक्चर सितारगंज का सोलर पाव स्टॉल किसानों और घरों के उपभोक्ताओं के लिए बड़ी उम्मीद बनकर आया है। यहां नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की ओर से पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की जानकारी दी जा रही है।

स्टाॅल पर मौजूद ऑपरेशन प्रतिनिधि निजाम सैफी ने बताया कि योजना के तहत कोई भी व्यक्ति सोलर पैनल सेटअप लगाकर अपना बिजली बिल पूरी तरह खत्म कर सकता है। साथ ही अतिरिक्त बिजली बेचकर आय भी अर्जित कर सकता है। बताया कि लगभग 1.95 लाख रुपये की लागत वाले तीन किलोवाट सोलर सिस्टम पर उत्तराखंड में सरकार की ओर से 85,800 रुपये की सब्सिडी मिलती है। सिस्टम लगने के बाद हर महीने का दो हजार रुपये तक का बिजली बिल जीरो हो जाता है। जबकि बची हुई बिजली यूपीसीएल 3.41 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से खरीद लेता है। इससे उपभोक्ता को नियमित आमदनी भी होती रहती है। मेले में आए कई किसान इस योजना को बिजली के बढ़ते खर्च से मुक्ति का बेहतर साधन मान रहे हैं और रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं। ——
मेले 300 से अधिक पुस्तकें निःशुल्क बांटीं



पंतनगर। मेले में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय की ओर से भी स्टॉल लगाया गया हैं। जहां मुक्त विवि के बारे में छात्रों और लोगों को जानकारी दी जा रही है। मुक्त विवि की ओर से शनिवार को 160 छात्रों को 300 से अधिक पुस्तकों का वितरण किया गया। जिसका उद्देश्य समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। तमाम छात्रों व अन्य लोगों ने विवि की ओर से किए गए पुस्तक वितरण और शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। स्टाॅल पर मुक्त विवि के डॉ. कमल देवलाल, डॉ. वीरेंद्र सिंह, डाॅ. कमलेश बिष्ट, डॉ. विनोद बिरखानी, डॉ. दीपक शर्मा, डॉ. सुमित सिंह, रेखा बिष्ट, अधु डोगरा आदि मौजूद रहे। संवाद

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सीएम धामी आज पंतनगर में, किसानों से करेंगे संवाद



विवि में रविवार को पूर्ण कार्यदिवस घोषित, 21 अक्तूबर को रहेगा अवकाश



पंतनगर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को 10.45 बजे पंतनगर पहुंच रहे हैं। वह 11 बजे किसान मेले में शिरकत करने सहित नकल विरोधी कानून और नागरिक संहिता एवं किसानों की प्रगति पर संवाद करेंगे। जिसके बाद 12.20 बजे वह देहरादून के लिए प्रस्थान करेंगे।

सीएम धामी के पंतनगर आगमन को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं और प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इधर, सीएम धामी के इस महत्वपूर्ण दौरे को देखते हुए मेले में नकल विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता एवं किसानों की प्रगति पर गोष्ठी एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। जिसमें कर्मियों और अधिकारियों को प्रतिभाग करने के लिए कुलपति के निर्देश पर कुलसचिव डाॅ. दीपा विनय ने कार्यालय आदेश जारी कर रविवार (12 अक्तूबर) को पूर्ण कार्यदिवस घोषित कर दिया है। कुलसचिव ने इसके स्थान पर विवि में 21 अक्टूबर (मंगलवार) को पूर्ण अवकाश घोषित किया है। 21 अक्तूब को आयोजित होने वाली कक्षाओं की क्षतिपूर्ति संबंधित शिक्षक बाद में अतिरिक्त कक्षाएं लेकर पूरी करेंगे। संवाद

पहाड़ी अनाजों से समृद्धि की ओर महिलाएं


संवाद न्यूज एजेंसी
पंतनगर। घर के काम काज निपटाने के बाद महिलाएं पहाड़ी अनाज (मडुवे) से बिस्किट और केक बना व बेचकर अपनी आमदनी तो बढ़ा ही रही हैं। अन्य महिलाओं को भी समृद्धि की राह दिखा रही हैं।



शांतिपुरी की ग्राम प्रधान कविता तिवारी ने राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत जागृति महिला समूह बनाया है। इसमें शामिल 13 महिलाएं मिलकर एक बेकरी सेंटर का संचालन करती है। जिसमें वह डिमांड के अनुसार मंडुवे से बने बिस्किट और केक तैयार करती हैं और दुकानों में आपूर्ति कर अपनी आमदनी बढ़़ा रही हैं।



कृषि मेले में समूह के स्टाॅल पर मौजूद कविता ने बताया कि अक्तूबर के पहले सप्ताह में अब तक वह 25-30 हजार रुपये का बिजनेस कर चुकी हैं। मेले में लगाए गए स्टाल पर मंडुवे का आटा, बिस्किट, कैक, ड्राई कैक, रेडी टू ईट पकोड़ा मिक्चर और उत्तराखंड की संस्कृति पर आधारित ऐपण कला से बनी पूजा थाल, नेम प्लेट, पूजा चौकी, शगुन के लिफाफे आदि की प्रदर्शनी लगाई गई है, जो ग्राहकों को काफी पसंद आ रही है। बताया कि मंडुवे से बने खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है। इसका सेवन करने से ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और शुगर की समस्या नहीं होती है और यह काफी पौष्टिक भी होता है।

-इन्सेट में

पहाड़ों के दूरदराज गांवों से आता है मडुवा
पंतनगर। पिछले तीन वर्षों से मडुवे से बने खाद्य पदार्थों पर काम कर रहे समूह को मडुवे की आपूर्ति पहाड़ों के दूर दराज गांवों से होती है। बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत के किसानों से अनुबंध कर सीजन में दो से तीन क्विंटल मडुवा खरीद कर लाया जाता है। जिसके बाद उसका आटा बनाकर उसके बिस्किट और केक तैयार कर ग्राहकों को बेचा जाता है।



अब पौधों को न्यूट्रीशंस देंगे आर्गेनिक उत्पाद

पंतनगर। मेले में इफ्को के स्टाॅल पर मौजूद अनुपम सक्सेना ने बताया कि खाद के मानवीय जीवन पर हानिकारक प्रभावों और मिट्टी की घटती उर्वरता को देखते हुए आर्गेनिक उत्पादों को बाजार में उतारा है। इन उत्पादों को बच्चे भी बिना किसी नुकसान के प्रयोग कर सकते हैं। किचन गार्डन में लोग अधिकतर फल और सब्जियां ही उगाते हैं। जिनमें रासायनिक खादों का उपयोग करने से सब्जी और फलों में भी उनके हानिकारक तत्व समा जाते हैं। खाद के स्थान पर इन आर्गेनिक उत्पादों का उपयोग करने से पौधों में उनकी आवश्यकतानुसार न्यूट्रीशंस की पूर्ति होती है। जिससे पौधों की अच्छी बढ़वार होती है और सब्जी व फलों में किसी भी प्रकार के हानिकारक तत्व भी नहीं होते हैं। इफको के स्टाॅल पर किसान उत्पादों की जानकारी लेने उमड़ रहे हैं। संवाद

नेपाल से पहुंचे किसान, की बीजों की खरीदारी

पंतनगर। नेपाल के महेंद्रनगर जिले के दूरदराज गांव से खड़क चौधरी, माना राणा, अजब राणा और धनसिंह राणा भी किसान मेले में पहुंचे। इन लोगों ने बताया कि उन्हें गेहूं और तोरिया के जिन बीजों की तलाश थी, उनकी खरीदी कर ली है। बताया कि मेले के बारे में जैसा सुना था, उससे कहीं अधिक बड़ा और खेती की बहुत सी आधुनिक तकनीकें उपलब्ध हैं। हमारे नेपाल में अभी ऐसी उन्नत तकनीकें उपलब्ध नहीं हैं। उनकी कोशिश रहेगी कि आगे भी सभी किसान मेलों में पूरे दल के साथ शिरकत करें। संवाद
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