काशीपुर। बरसात के दौरान भारी तबाही मचाने वाली ढेला और बहला नदी से होने वाले नुकसान की रोकथाम के लिए प्रशासन ने अब यहां सुरक्षा दीवार बनाने का निर्णय लिया है। बुधवार को एसडीएम अभय प्रताप सिंह और तहसीलदार पंकज चंदोला ने सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ आपदा से प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया।
जुलाई और अगस्त में भारी बारिश के कारण ढेला और बहला नदी में आई बाढ़ से कई कॉलोनियों में जलभराव हो गया था। इन नदियों के पास सुरक्षा दीवार और पीचिंग करने की मांग उठती रही है। स्थानीय प्रशासन की ओर से किए सर्वे में भी यहां सुरक्षा दीवार बनाने की जरूरत महसूस की गई। बुधवार को एसडीएम अभय प्रताप सिंह के नेतृत्व में अलग-अलग विभागों की टीम ने लक्ष्मीपुर पट्टी और निजडा गांव के आसपास नदी के किनारों का निरीक्षण कर सुरक्षा दीवार बनाने की संभावनाओं को तलाशा। इस दौरान जल्द दीवार बनाने का निर्णय लिया गया। एसडीएम ने कहा कि सुरक्षा दीवार बनने के बाद कई कॉलोनी के लोगों को नदियों के उफान पर आने से होने वाले नुकसान से निजात मिलेगी। संवाद
काशीपुर। दो लाख की लागत से बहला नदी का बंधा बनाया जाएगा। इसके लिए राशि मंजूर हो गई है। एक माह में कार्य पूर्ण होने की उम्मीद जताई जा रही है। अगस्त-सितंबर में बारिश के कारण बहला नदी का कई मीटर तक बंदा टूट गया था। इससे मालवा फार्म समेत कई कॉलोनियों में बाढ़ आ गई थी। सिंचाई विभाग ने अस्थायी रूप से बंधा बनाया था। तेज पानी आने के कारण वह फिर से बह गया। इसका प्रस्ताव बनाकर जिला प्रशासन को भेजा गया। बुधवार को एसडीएम अभय प्रताप सिंह, तहसीलदार पंकज चंदोला और एसडीओ सिंचाई केशव सिंह ने मालवा फार्म पहुंचकर मौका मुआयना किया। एसडीएम अभय प्रताप सिंह ने बताया कि सिंचाई विभाग आपदा प्रबंधन की मद से दो लाख की लागत से बंदा बनाने का कार्य किया जाएगा। करीब एक महीने में कार्य पूर्ण होने की संभावना है। संवाद