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नाबालिग की तलाश में यूपी, दिल्ली की खाक छानी, नहीं मिला सुराग

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रुद्रपुर। डेढ़ माह पहले शहर से एक नाबालिग को बहला फुसलाकर भगा ले जाने वाले धर्म विशेष के युवक को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है। किशोरी की तलाश में यूपी व दिल्ली में दबिश देने के बावजूद उसका सुराग नहीं लग सका है।
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कोतवाली क्षेत्र से बीती 10 अगस्त को एक नाबालिग को फैसल नाम का युवक अपने साथ भगा ले गया था। करीब एक सप्ताह पहले जब विधायक शिव अरोरा ने पुलिस से मामले की जानकारी ली तो पुलिस एक्शन में आई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी युवक के दो रिश्तेदारों को गिरफ्तार किया था। इधर पुलिस टीम ने भी दिल्ली और पश्चिमी यूपी के कुछ जिलों में दबिश देने के बाद आरोपी के करीब 60-70 रिश्तेदारों से पूछताछ की और कई लोगों के मोबाइल नंबर भी सर्विलांस पर लगाए लेकिन कोई अहम सुराग हाथ नहीं लगा।
पुलिस टीम दिल्ली पहुंचकर आरोपी के और भी कई रिश्तेदारों से पूछताछ कर रही है। पुलिस ने नाबालिग के स्कूल पहुंचकर उसकी सहेलियों से भी मामले की जानकारी ली है। पुलिस ने कई सारे चाइल्ड हेल्पलाइन ग्रुप व रेलवे के ग्रुप में भी नाबालिग की गुमशुदगी साझा की है। इस मामले में एसपी सिटी मनोज कत्याल का कहना है कि एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी के आदेश के बाद आरोपी युवक पर इनाम रखा जा सकता है।
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रामपुर में मिली थी आखिरी लोकेशन
रुद्रपुर। पुलिस ने जब आरोपी युवक की खोजबीन शुरू की तो उसकी लोकेशन रामपुर रेलवे स्टेशन में मिली थी। इस दौरान रामपुर में युवक के कुछ दोस्त भी उससे मिलने आए लेकिन पुलिस ने जब बाद में पहुंचकर युवक के दोस्तों से पूछताछ की तो वह भी कुछ नहीं बता सके। इसके बाद पुलिस ने दिल्ली व मुरादाबाद पहुंचकर कई जगह दबिश दी लेकिन कुछ भी पता नहीं लग सका। संवाद
आरोपी की भांजी के साथ पढ़ती थी नाबालिग
रुद्रपुर। आरोपी युवक की खोजबीन करते समय पुलिस को पता चला कि लापता किशोरी आरोपी की भांजी के साथ पढ़ती थी। करीब एक साल पहले से किशोरी और आरोपी युवक के बीच बातें हो रही थी जबकि किशोरी की मां ने कई बार इसका विरोध किया था। आरोपी फ्रीज, टीवी का मैकेनिक है और एक दुकान में काम करता था। संवाद
पहले चेत जाते परिजन तो पुलिस को न छाननी पड़ती खाक
रुद्रपुर। नाबालिग की मां एक फैक्टरी में नौकरी करती है और किराये के कमरे में बेटी के साथ रहती है। जब वह 10 अगस्त को ड्यूटी से आई तो उसे घर में बच्ची नहीं मिली जबकि इस मामले में मुकदमा 17 अगस्त को दर्ज हुआ। यदि परिजन पुलिस को तुरंत सूचना दे देते तो शायद अब तक उनकी बेटी मिल चुकी होती। अब मां का रो-रोकर बुरा हाल है। संवाद
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