जिलाधिकारी के निर्देशन में हुई छापामार कार्रवाई में उपजिलाधिकारी ऋचा सिंह ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ अपंजीकृत डॉक्टरों के क्लीनिकों पर छापे मारे। टीम ने सेवक क्लीनिक पर भारी अनियमितताएं पाईं। क्लीनिक में अवैध तरीके से चलने वाले मेडिकल स्टोर और ग्राम कंजाबाग में चलने वाले चांदसी दवाखाना को सील कर दिया।
सितारगंज रोड कंजाबाग तिराहे पर चलने वाले सेवक क्लीनिक में एसडीएम सिंह एवं स्वास्थ्य अधीक्षक सुनीता रतूड़ी ने टीम के साथ छापा मारा। टीम को क्लीनिक में अवैध तरीके से चलने वाले मेडिकल स्टोर में देशी एवं अंग्रेजी दवाओं का जखीरा मिला। मेडिकल स्टोर की वैधता संबंधी कोई दस्तावेज नहीं मिले।
पूछताछ के दौरान सेवक क्लीनिक के स्वामी डा. हरभेज सिंह एसडीएम सिंह एवं सीएचसी अधीक्षक रतूड़ी को चिकित्सा संबंधी प्रमाण नहीं दिखा सका। क्लीनिक स्वामी ने बताया कि डीएमएस डिग्री धनवंतरी सोसायटी से संबंधित है। लेकिन मौके पर कोई भी साक्ष्य नहीं मिले। क्लीनिक स्वामी ने कहा कि उनका मामला 2009 से न्यायालय में चल रहा है।
एसडीएम सिंह ने तीन दिन में साक्ष्य प्रस्तुत नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने क्लीनिक की दवाईयों को एक कमरे में डालकर कमरा सील कर दिया। प्रतिदिन सैकड़ों ओपीडी वाले इस क्लीनिक में कोई रजिस्टर मेंटेन नहीं था। रोगियों से संबंधित कुछ पर्चियां मिलीं। क्लीनिक में काम करने वाले अंट्रेंड मिले।
इस दौरान टीम ने क्लीनिक के कुछ गंभीर रोगियों को सीएचसी भेजा। बाद में टीम ने कंजाबाग ग्राम में चलने वाले चांदसी दवाखाना को भी सील कर दिया। क्लीनिक चलाने वाले ज्ञानेंद्र सरकार के पास चिकित्सा संबंधी साक्ष्य नहीं मिले। टीम ने सेवक क्लीनिक के मेडिकल स्टोर एवं चांदसी दवाखाना से संबंधित रिपोर्ट डीएम सहित सीएमओ को प्रेषित कर दी।