बिजली का करंट से लगने से बुरी तरह झुलसे स्वयं सहायता समूह कर्मचारी श्याम सिंह की मौत हो गई। आक्रोशित परिजनों ने शव को बिजलीघर के गेट पर रखकर हंगामा किया। मौके पर पहुंचे ऊर्जा निगम के अधिकारियों द्वारा मृतक के परिवार को मदद करने भरोसा देने के बाद मामला शांत हुआ।
स्वयं सहायता समूह का कर्मचारी श्याम सिंह तीन फरवरी को आलापुर मोहल्ले में पोल पर चढ़कर लाइन ठीक कर रहा था। इसी दौरान अचानक करंट लगने से बुरी तरह झुलस गया था। घटना के तुरंत बाद उसे एक निजी अस्पताल भर्ती कराया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसे हल्द्वानी रेफर कर दिया। श्याम सिंह की हालत बिगड़ने पर उसे हल्द्वानी से बरेली अस्पताल भेज दिया गया। हालत गंभीर होने पर बरेली में डॉक्टरों ने उसे दिल्ली ले जाने की सलाह दी। शनिवार को सुबह परिजन पैसों का इंतजाम करने के लिए श्याम सिंह को बरेली से अपने साथ लेकर घर लौट रहे थे।
रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। घटना से आक्रोशित परिजनों ने मंडी समिति परिसर स्थित बिजलीघर के गेट पर शव को रखकर हंगामा किया। परिजनों पहुंचते ही ऊर्जा निगम के कर्मचारी बिजली घर, एसडीओ कार्यालय को बंद कर फरार हो गए। सूचना मिलने दोराहा बिजली घर के एसडीओ विनोद कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों के समक्ष घटना पर दुख व्यक्त किया। ऊर्जा निगम की तरफ से मृतक के परिजनों की मदद करने, बीमा क्लेम दिलाने भरोसा दिया। तब जाकर परिजन शांत हुए। बीडीसी सदस्य अजयपाल ने बताया कि पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस दौरान डॉ. नरेंद्र खत्री, सतपाल, देवराज, शहादत, रमेश आदि थे।