सड़कों में बिना परमिट दौड़ रहे ई-रिक्शा पर परिवहन विभाग की कार्यवाही से चालकों और डीलरों में हड़कंप मचा है। पहले डीलरों ने एआरटीओ प्रवर्तन से समस्या को हल करने की गुजारिश की और फिर ई-रिक्शा चालकों ने घेराव कर समस्या रखी। एआरटीओ ने बिना परमिट और डीएल के सड़क पर ई-रिक्शा चलने नहीं देने की बात कही।
बुधवार को एआरटीओ कार्यालय में ई-रिक्शा डीलरों ने एआरटीओ प्रशासन आरपी राठौर के साथ बैठक की। डीलरों ने कहा कि विभाग जल्द से जल्द ई-रिक्शा को परमिट और चालकों का डीएल बनाने की कार्रवाई शुरु करे। विभाग की कार्रवाई से उनको भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं बड़ी संख्या में ई-रिक्शा चालकों ने एआरटीओ राठौर का घेराव किया। उन्होंने कहा कि किसी तरह ई-रिक्शा खरीदकर चालक परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं।
ई-रिक्शा मोटर यान अधिनियम में नहीं आते हैं। बड़ी संख्या में चालक ऐसे हैं, जिन्होंने अधिकृत कंपनियों से वाहन नहीं खरीदे हैं। ऐसे में उनके वाहन को परमिट नहीं मिल सकेगा। एआरटीओ राठौर ने कहा कि ई रिक्शा मोटर अधिनियम के तहत आते हैं। परिवहन आयुक्त के आदेश पर ई-रिक्शा सीज किए जा रहे हैं। ई-रिक्शा के लिए विभाग ने 22 कंपनियों को मान्य किया है। मान्य कंपनियों से खरीदे गए वाहनों को ही परमिट दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ई-रिक्शा रुटों का सर्वे कर रिपोर्ट आरटीए को भेजी गई है। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद परमिट जारी करने की कार्रवाई की जाएगी।