रुद्रपुर के बगवाड़ा के प्राथमिक स्कूल में बारिश के बाद जलभराव
रुद्रपुर। मानसून में बारिश के दौरान स्कूलों के सामने सिर्फ पढ़ाई का नहीं बल्कि आपदा से निपटने की तैयारी का भी इम्तिहान है। जिले में आधे से अधिक विद्यालय जर्जर हालत में हैं। इसे देखते हुए विभाग ने सभी विद्यालयों में स्कूल डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान (एसडीएमपी) तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
एसडीएमपी के तहत जर्जर हालत वाले विद्यालय भवनों में पठन-पाठन नहीं कराया जाएगा। जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक कक्ष, आंगनबाड़ी केंद्र या पंचायत भवन में पढ़ाई की व्यवस्था करनी होगी। विभाग ने विद्यालयों की छतों का निरीक्षण कर वहां उगे पेड़-पौधों को हटाने और जरूरी मरम्मत कराने के निर्देश दिए हैं। आपदा की स्थिति में स्कूलोें को जिला और राज्य स्तर के आपातकालीन तंत्र तक तत्काल सूचना पहुंचाने को कहा गया है। विद्यालयों को अपने आसपास के संवेदनशील स्थानों की पहचान कर बच्चों को वहां जाने से रोकना होगा। स्कूल के रास्ते में बरसाती नदी, नाला या गधेराें पर अभिभावकों को भी नजर रखनी होगी।
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केस1- पीएमश्री राजकीय इंटर कॉलेज दरऊ बरसात के दौरान मैदान में पानी भर जाने से विद्यार्थियों का आवागमन प्रभावित होता है। प्रार्थना स्थल भी पक्का नहीं है। भवन में कई जगह से दरार पड़ चुकी हैं।
केस2- किच्छा के प्राग नारायण उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की बिल्डिंग भी जर्जर हालत में हैं। परिसर में झाड़िया हैं और स्वच्छ पानी के दावे भी हकीकत से कोसों दूर हैं।
कोट
बारिश के दौरान विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विद्यालयों को आपदा से बचाव की तैयारियां पहले से पूरी रखने और जारी दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन करने को कहा गया है। किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। विद्यालय में किसी तरह की अनहोनी होने पर प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी तय की जाएगी।- हरेंद्र कुमार मिश्रा, सीईओ