काशीपुर राप्रावि ढकिया नंबर एक की आंगनबाड़ी में मस्ती करते बच्चे
काशीपुर। शिक्षा विभाग और प्रशासन की लापरवाही के चलते राजकीय प्राथमिक विद्यालय ढकिया नंबर एक का नया भवन एक साल बाद भी नहीं बन सका है। छात्र-छात्राएं आंगनबाड़ी और अतिरिक्त कक्ष में बैठकर ज्ञान प्राप्त करने के लिए मजबूर हैं। वहीं बरसात में जलभराव होने से यह कक्ष भी तलैया बन जाता है। इस गंभीर समस्या के बाद भी जिम्मेदारों की आंखें बंद हैं।
संवाद न्यूज एजेंसी की टीम काशीपुर से करीब 10 किलोमीटर दूर राप्रावि ढकिया नंबर एक पहुंची। यह विद्यालय 1956 में स्थापित होना बताया गया। दयनीय स्थिति होने पर भवन पिछले साल ध्वस्त कराकर नए भवन निर्माण का प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को भेजने की बात कही गई। अभी तक नया भवन बनने की कोई भी योजना नजर नहीं आई है। विद्यालय में 75 विद्यार्थी पंजीकृत पाए गए। इनको पढ़ाने का जिम्मा चार शिक्षकों पर है।
वहीं बच्चे आंगनबाड़ी के बरामदे में पढ़ने के बजाए खेलते मिले। आंगनबाड़ी के कमरे में फर्नीचर अस्त-व्यस्त मिला। अतिरिक्त कक्षा कक्ष में एक शिक्षिका बच्चों को पढ़ाती मिली। जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने पर बरसात का पानी कक्ष में जमा होना बताया गया। प्रधानाध्यापक सोशल ऑडिट में व्यस्त मिले।
छुट्टी के बाद शराबियों की सजती है महफिल
चहारदीवारी की ऊंचाई कम और जगह-जगह टूटी होने से ग्रामीण दीवार फांद कर प्रवेश करते हैं। छुट्टी के बाद शराब पीकर कचरा भी वहीं छोड़ जाते हैं। साथ ही पशु भी घुसकर गंदगी करते हैं। छात्र-छात्राओं ने बताया कि बारिश का पानी कमरे में भर जाता है। किताबें व अन्य दस्तावेज गल जाते हैं। जहरीले कीड़ों के काटने का डर बना हुआ है।
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पिछले साल पुराना भवन ध्वस्त हो चुका है। नए भवन का प्रस्ताव जिले को भेजा गया था। इस साल भी भवन निर्माण की संभावना नजर नहीं आ रही है। आंगनबाड़ी और अतिरिक्त कक्षा कक्ष में बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। दो शिक्षक एसआईआर में लगे हैं। सोशल ऑडिट में व्यस्त था। कमरे में रखा रिकॉर्ड पानी में गल चुका हैं। - राजवीर सिंह, प्रधानाध्यापक राप्रावि ढकिया नंबर एक
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राजकीय प्राथमिक विद्यालय ढकिया नंबर एक के नए भवन का प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को भेज रखा है। स्वीकृति मिलने पर कक्षों का निर्माण कराया जाएगा। -