काशीपुर। तीन दिन की छुट्टी के बाद मंगलवार को बैंक खुलेंगे। सोमवार तक लोगों को कैश के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। शहर के अधिकतर एटीएम कैश के अभाव में शोपीस बने रहे। सोमवार को भी एसबीआई के अलावा किसी भी बैंक के एटीएम में कैश नहीं मिला। रामनगर रोड पर लगे एसबीआई के एटीएम से रुपए निकालने के लिए ग्राहकों को लाइन सड़क तक जा पहुंची। इससे उम्मीद है कि मंगलवार को बैंकों में कैश के लिए परेशान ग्राहकों की भीड़ रहेगी।
शनिवार और रविवार की छुट्टी के चलते एटीएम में कैश लोड नहीं किया गया। सोमवार को ईद मिलादुन्नबी की छुट्टी के चलते बैंक बंद रहे। इसके चलते एसबीआई के एटीएम को छोड़कर अधिकतर एटीएम के शटर भी नहीं खुल सके। एचडीएफसी, पंजाब एंड सिंध, सेंट्रल बैंक, पीएनबी, बॉब, आईडीबीआई, आंध्र, कॉर्पोरेशन, इंडियन ओवरसीज, देना, एक्सिस आदि बैंकों के एटीएम खाली रही।
कैश लेने के लिए ग्राहक एक एटीएम से दूसरे एटीएम तक भटकते रहे। एसबीआई के एटीएम के बाहर कैश निकालने के लिए कतारें लगी रहीं। तीसरे दिन भी कई लोगों को एटीएम के चक्कर लगाने के बाद निराश होकर घर लौटना पड़ा। एटीएम से निराश लोगों को मंगलवार को बैंक खुलने का इंतजार हैं। एसबीआई के मुख्य शाखा प्रबंधक नीरज गौड़ ने बताया कि शहर में 12 में से 2 एटीएम चल रहे हैं। मंगलवार को ही एटीएम में कैश लोड किया जाएगा।
रुद्रपुर। नोटबंदी के एक महीने से अधिक समय गुजरने के बाद लोगों की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रहीं हैं। शहर के कई एटीएम में कैश न आने से लोगों को फजीहत का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को भी बैंक बंद रहने से लोगों को और ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं एटीएम तो खुले, लेकिन एटीएम में कैश नहीं पहुंचने से लोग केंद्र सरकार को कोसते हुए नजर आए।
लोगों का कहना है कि एक महीने के बाद भी नोटबंदी से निजात मिलती नजर नहीं आ रही है। वहीं तीन दिन बैंक बंद रहने से और ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर के कई एटीएम में सोमवार को कैश नहीं पहुंचा तो कई एटीएम में सिर्फ एक घंटे के भीतर ही कैश खत्म हो गया। इससे लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा।
रुद्रपुर। तीन दिन छुट्टी रहने के कारण बंद रहे जिले भर के बैंक आज खुलेंगे। बैंकों के बंद रहने से जहां उपभोक्ताओं के पुराने नोट जमा नहीं हो पाए थे। वहीं लोगों को नई करेंसी लेने के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन मंगलवार को बैंकों के खुलने से उपभोक्ताओं को आस जगी है कि उनकी समस्या का कुछ हद तक समाधान हो सकता है।