सितारगंज में धरना देते व्यापारी व धरने को समर्थन देते पालिकाध्यक्ष हरीश दुबे।
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सितारगंज। नगर के व्यापारियों ने तराई में भी विकास प्राधिकरण की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग पर एक दिनी धरना दिया और सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को ज्ञापन भेजा। उन्होंने कहा कि सीएम ने पर्वतीय जिलों में इसे खत्म करने की घोषणा की थी।
शनिवार को मुख्य चौराहे पर हुए प्रदर्शन में प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल के महामंत्री राजीव गुप्ता ने कहा कि आवासीय और व्यावसायिक इमारतों के निर्माण में मानकों के नाम पर लोग प्राधिकरण के चक्कर काटने को विवश हैं और प्राधिकरण में शुल्क जमा करने से अनावश्यक बोझ भी पड़ रहा है। उन्होंने प्राधिकरण की अनिवार्यता को समाप्त करने का तत्काल शासनादेश भी जारी करने की मांग उठाई। इधर, पालिकाध्यक्ष हरीश दुबे ने धरनास्थल पहुंचकर व्यापारियों की मांग का समर्थन किया। वहां रंजीत सिंह लवली, दिलीप कुमार, अजय गुप्ता, रियाजत खां, मो. राशिद, फैसल अंसारी, आरिश रजा, इस्त्यिाक अंसारी आदि थे। इधर,
प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय गोयल ने कहा कि इस विषय में उन्होंने आवाज उठाई थी। इसके बाद रुद्रपुर और खटीमा व्यापार मंडल ने भी प्राधिकरण के खिलाफ मांग रखी। 31 जनवरी को भीमताल मेें सीएम से मुलाकात कर भी यह मांग रखी थी।