सिडकुल कर्मी सरिता मर्डर केस में पुलिस को एक बात तो स्पष्ट हो गई है कि घटनास्थल के आस पास ही सरिता का कत्ल किया गया है। मामले की गहन जांच पड़ताल कर रही पुलिस के हाथ तब एक महत्वपूर्ण सुराग लगा जब सिडकुल क्षेत्र में सफाई करने वाले एक कर्मचारी ने पुलिस को बताया कि घटना वाले दिन सरिता 12.45 पर सिडकुल गोल तिराहे पर पहुंची थी लेकिन उसके बाद वह कहां गई इसकी जानकारी उसे नहीं है।
शनिवार घटना वाले दिन सरिता को आवास विकास स्थित पीएफ आफिस में अपना पीएफ फार्म जमा करने जाना था, इसके लिए सरिता ने कंपनी से 11 से 1 बजे तक की छुट्टी ली और करीब 11.30 पर पीएफ आफिस पहुंच गई, वहां से काम खत्म करने के बाद सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के अनुसार 12.18 पर सरिता को पैदल अकेले ही अटरिया रोड पार करते देखा गयाI
इसके बाद सरिता कहां गई इसकी जानकारी किसी को नहीं थी, करीब ढाई बजे पुलिस को सरिता की लाश नाले में होने की सूचना मिली,जिसके आधार पर पुलिस जांच में जुट गई, कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जांच कर रही पुलिस को मंगलवार शाम सिडकुल क्षेत्र में सफाई करने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि घटना वाले दिन सरिता 12.45 पर घटना स्थल से 100 मीटर पहले स्थित गोल चौराहे पर पहुंची थी और सरिता ने उसका हालचाल भी पूछा था, सफाई कर्मी के अनुसार बातचीत के बाद वह चला गया जिसके चलते उसे नहीं पता कि उसके बाद सरिता कहां गई। इससे पुलिस अंदाजा लगा रही है कि करीब पौने दो घंटे के भीतर किसी ने घटनास्थल के आस पास ही सरिता का कत्ल किया है ।
सिडकुल कर्मी सरिता हत्याकांड में जो सुराग मंगलवार को पुलिस के हाथ लगा है उसके आधार पर इस बात में भी संदेह नहीं है कि दुष्कर्म के बाद सरिता की हत्या करने वाले ट्रक चालक भी हो सकते हैं। क्योंकि गोल चौराहे से घटना स्थल की दूरी मात्र 100 मीटर है और उसी दायरे में ट्रक चालक भी खड़े रहते हैं। आशंका जताई जा रही है कि किसी ट्रक चालक ने अपने ट्रक में ही घटना को अंजाम दिया और शव नाले में फेंक दिया, और अगर ऐसा नहीं हुआ है तो फिर क्यों किसी ने सरिता को गोल चौराहे के बाद कहीं आते जाते नहीं देख जबकि वहां पर लोगों की आवाजाही रहती है, पुलिस का शक भी अब वहां खड़े होने वाले ट्रक चालकों पर गहरा गया है जिसके चलते पुलिस घटना के दिन वहां खड़े बड़े ट्राला चालकों को ट्रेस करने में जुटी है।
सरिता हत्याकांड में पुलिस तो दिन रात एक होकर काम कर रही है लेकिन पब्लिक का कोई सहयोग पुलिस को नहीं मिल रहा है। पुलिस की मानें तो सिडकुल के भीतर काम करने वाला कोई भी व्यक्ति कुछ बताने को तैयार नहीं है जिसके चलते हत्यारों तक पहुंचने में दिक्कतें आ रही हैं। एएसपी पंकज भट्ट का कहना है कि मंगलवार को बुजुर्ग द्वारा दी गई जानकारी के बाद पुलिस को कुछ मदद मिली है लेकिन बुजुर्ग को कहीं भी घटना में जोड़ा नहीं गया है और उनकी जानकारी भी पुलिस द्वारा गुप्त रखी जाएगी, भट्ट ने जनता से भी अपील की है कि वह मामले में पुलिस का सहयोग करे। जिससे जल्द से जल्द आरोपी को पकड़ा जा सके।
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