पंतनगर। पंतनगर विवि के 22 छात्रावासों के अंतःवासी छात्रों की भोजन व्यवस्था के लिए 90.25 रूपये प्रति छात्र प्रतिदिन के हिसाब से दो वर्ष के लिए 15 सितंबर 2018 को एक फर्म से अनुबंध किया गया था। इन छात्रावासों की मेसों में ठेके पर कार्यरत लगभग ढाई सौ कर्मचारी वही होते हैं, बस उनको वेतन देने वाले कांट्रैक्टर बदलते रहते हैं। लड़खड़ाते कदमों से शुरू हुई फर्म की भोजन व्यवस्था कभी पटरी पर तो आ ही नहीं सकी, और न ही कभी अपने कर्मियों को समय पर वेतन दे पाई।
इधर लॉकडाउन के चलते सभी छात्र अपने घरों को चले गए और मेस बंद कर दी गईं। तीन-चार छात्रावासों के क्वारंटीन में तब्दील होने के बाद कुछ मेस कर्मियों को ही काम मिल पाया बाकी बेरोजगार रहे। सात-आठ हजार रूपये प्रतिमाह में काम करने वाले इन मेस कर्मियों को ठेकेदार द्वारा मार्च व अप्रैल माह का वेतन नहीं दिया गया है। लॉकडाउन के दौरान ठेकेदार तो आया नहीं, और न ही व्यवस्था देख रहे उसके प्रबंधकों ने इन कर्मियों की सुध ली। इन मेस कर्मियों ने विवि प्रशासन से भी वेतन दिलाने की गुहार लगाई, लेकिन उन्हें अपने ठेकेदार से बात करने को कहकर टरका दिया गया। इन कर्मियों ने थाने में तहरीर सौंपकर ठेकेदार से वेतन दिलाने की गुहार लगाई है। एसओ अशोक कुमार ने मानवता दिखाते हुए उन्हें राशन सामग्री उपलब्ध कराई। साथ ही आश्वासन दिया कि जल्द ठेकेदार को बुलाकर उनका वेतन दिलाया जाएगा। यदि उसने वेतन में आनाकानी की तो मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। तहरीर सौंपने के दौरान विमल भट्ट, नसीम, मदन, अर्जुन, मुकेश भट्ट, सागर, प्रकाश भट्ट, व रेहान आदि मेस कर्मी मौजूद थे।