उद्योग नगरी रुद्रपुर में पिछले दिनों कुछ बैंक शाखाओं की मिलीभगत से कमीशन के फेर में हुए हेरफेर की पड़ताल शुक्रवार से लेकर शनिवार तक आरबीआई की टीम ने शहर के कुछ बैंक शाखाओं में गुपचुप तरीके से की है। बैंकों में किसी तरह का काम प्रभावित न हो इसका भी ध्यान रखते हुए छानबीन की कार्रवाई सादे तरीके के साथ करते हुए टीम ने कुछ बैंक शाखाओं के दस्तावेज जरूर खंगाले और आरबीआई के आईटी एक्सपर्ट भी बैंकों के डाटा आदि को भी अपनी पड़ताल में ले गए हैं। इसमें खास बात यह रही कि जांच टीमों ने पुलिस की भी कोई मदद नहीं ली।
माना जा रहा है कि जहां नोटबंदी के बाद से लोगों को बैंकों के बाहर और एटीएम बूथों पर घंटों लाइन में लगकर कैश के लिए परेशान होना पड़ रहा है। ऐसे में अगर जांच टीमें छापे की कार्रवाई को एकाएक शुरू करते तो इससे लोगों की परेशानी और बढ़ सकती थी। इसलिए इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि नई करेंसी के साथ मोटी रकम का लेनदेन करने वाले बैंकों से जांच पड़ताल बहुत ही सादे अंदाज में की गई है। शुक्रवार से शुरू की गई जांच टीमों की कार्रवाई शनिवार को भी शहर के विभिन्न बैंकों में शाम चार बजे तक चली, लेकिन इस कार्रवाई की जानकारी बैंकों ने भी देने से इनकार किया। जबकि बैंक सूत्रों का कहना था कि जांच टीमें बैंकों में आई थी और उन्होंने कैश के लेनदेन के आंकड़ों की पूरी डिटेल जुटाई है। उधर शनिवार को भी बैंकों के जोनल टीमों ने भी अपने-अपने बैंक शाखाओं में दस्तावेजों की पड़ताल जारी रखी।
शहर में 11-12 दिसंबर की रात को गदरपुर के दो युवकों से पकड़ी गई दस लाख रुपये की नई करेंसी को शनिवार को आयकर विभाग ने यूपी के लखनऊ स्थित प्रिंसिपल डायरेक्टर के सरकारी खाते में जमा करा दिया है। उधर आयकर विभाग अभी भी रुद्रपुर से पकड़ी गई दस लाख रुपए की जांच को जारी रखे हुए हैं। आयकर विभाग के असिस्टेंट डायरेक्टर जांच कुमाऊं मंडल लोकविंदर सिंह का कहना है कि 12 दिसंबर को दो युवकों के पास से पकड़ी गई 10 लाख रुपये की धनराशि की जांच अभी भी विभाग कई पहलुओं कर रहा है, लेकिन इसमें पकड़ी गई दस लाख रुपये को लखनऊ स्थित सरकारी खजाने में जमा करा दिया गया है। वहीं उनका यह भी कहना है कि बैंकों में एक करोड़ के लेनदेन की जांच का मामला भी लगातार जारी है।
बैंकों से हेरफेर और लेनदेन के मामलों के लिए अधिकांश जांच टीमें अपनी कार्रवाई करती हैं। रुद्रपुर में पिछले दिनों 10 लाख रुपए की नकदी की हमने फर्द बनाकर दे दी है, अब आगे की कार्रवाई आयकर विभाग करेगा। आरबीआई की टीमें बैंकों में जांच करती हैं तो जरूरी नहीं कि इसकी सूचना पुलिस को दी जाए।
- अजय रौतेला, डीआईजी, कुमाऊं