करीब डेढ़ वर्ष से रुद्रपुर ब्लाक में तैनात खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) सुमन राणा का तबादला पौड़ी कर दिया गया है। इस बारे में सोमवार शाम आयुक्त/अपर सचिव ज्योति नीरज खैरवाल ने आदेश जारी कर दिया है।
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा। आयुक्त खैरवाल ने जारी पत्र में कहा है कि सीडीओ ने अपने स्तर से ली गई अनुमति के बाद बीडीओ का तबादला किया गया है।
रुद्रपुर ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम प्रधान छह दिनों से बीडीओ हटाने की मांग को लेकर कलक्ट्रेट में धरने पर बैठे हुए थे और उन्होंने तीन दिन बाद ब्लॉक कार्यालय में तालाबंदी की चेतावनी दी थी।
प्रधानों ने बीडीओ पर उनकी उपेक्षा कर विकास कार्य प्रभावित कराने का आरोप लगाया था। इसी क्रम मेें सोमवार को बीच प्रमाणीकरण संस्था अध्यक्ष तिलकराज बेहड़ ने भी प्रधानों के समर्थन में कलक्ट्रेट में धरना दिया था। साथ ही शासन को अवगत कराया। इसकेे बाद देर सायं बीडीओ के स्थानांतरण के आदेश जारी हो गए थे।
स्थानांतरण होने के बाद आखिर बीडीओ सुमन राणा ब्लॉक दफ्तर में रात मेें क्या करने आई थी। यह समझ से परे है। मजेदार बात बीडीओ दफ्तर के अलावा लेखा और कार्मिक अनुभाग भी खुले रहे। मौके पर पहुंची पुलिस ने दफ्तर में ताले लगवाए। सूचना मिलते ही ब्लॉक प्रमुख, ग्राम प्रधान, बीडीसी सदस्यों का ब्लॉक में रातभर जमावड़ा लगा रहा।
ब्लॉक प्रमुख ने पत्रावलियों से छेड़छाड़ की आशंका जताई है। वहीं हंगामा बढ़ता देख बीडीओ गाड़ी छोड़ मौके से खिसक ली। सोमवार सायं शासन से बीडीओ सुमन राणा के तबादला आदेश जारी हुआ है।
इस बीच ब्लॉक प्रमुख दलजीत खुराना को सूचना मिली कि बीडीओ रात में दफ्तर पहुंची हुई हैं और कार्यालय खोलने के अलावा कर्मचारियों को भी बुलाया गया है। इस पर उन्होंने डीएम डॉ. पंकज कुमार पांडेय को सूचना दी तो डीएम ने सीडीओ को अवगत कराने को कहा, प्रमुख के अनुसार सीडीओ का फोन बंद मिला।
इसके बाद पुलिस को जानकारी दी गई। वहां पहुंची पुलिस ने दफ्तर में ताला लगवाया। ब्लॉक प्रमुख खुराना, बीडीसी विक्रमजीत सिंह, डॉ. डीके सिंह आदि लोगों ने रात में दफ्तर खोले जाने पर सख्त आपत्ति जताई। प्रमुख ने कहा कि यदि किसी भी पत्रावली से छेड़छाड़ पाई गई तो इसकी जिम्मेदारी बीडीओ की होगी।