रुद्रपुर में समीक्षा बैठक लेते सुबोध उनियाल।
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कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने बृहस्पतिवार को मंडी निदेशालय में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने मंडी समितियों एवं कृषि विभाग के अधिकारियों को किसानों की आय दोगुना करने और जैविक खेती को बढ़ावा देने आदि बिंदुओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए बिचौलियों/दलालों की भूमिका समाप्त करने की तैयारी चल रही है।
रुद्रपुर स्थित मंडी निदेशालय के सभागार में आयोजित बैठक में कृषि मंत्री ने उनियाल ने कहा कि भारत सरकार का उद्देश्य वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुना करना है। इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए राज्य सरकार का भी सहयोग लिया जा रहा है। छोटी जोत के किसानों को इंटीग्रेटेड फार्मिग के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा ताकि कम खेती में भी अच्छी आय प्राप्त कर सकें। किसानों की फसलों के लिए बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य के लिए प्रदेश की 16 मंडी समितियों एवं किसानों के बीच तालमेल बढ़ाया जा रहा है। किसानों को उन्नत बीज, उपकरण और प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि खेती से कम लागत में अच्छा मुनाफा कमा सकें।
कृषि मंत्री ने कहा किसान दुर्घटना और किसान फसल बीमा योजना के तहत सरकार द्वारा 45 दिन अनुमन्य किए गए हैं। उन्होंने मंडी एवं कृषि विभाग के अधिकारियों को बीच-बीच में फसल के नुकसान पर मिलने वाले मुआवजे की जानकारी किसानों देने के निर्देश दिए। कृषि मंत्री ने कहा बिचौलियों से किसानों को हो रहे आर्थिक नुकसान को देखते हुए बिचौलियों की भूमिका को समाप्त किया जा रहा है।
इसके लिए ई-नेशनल मार्केटिंग शुरू की गई है। इससे किसानों को अपनी उपज का मूल्य घर बैठे पता चल सके। प्रदेश की 16 मंडियों को ई-टेंडरिग से जोड़ा गया है। बैठक में उप निदेशक पारितोष वर्मा, मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. अभय सक्सेना, मुख्य अभियंता निर्माण विजय कुमार, प्रकाश शैल, विक्रम ,अनिल कुमार, कुंदन सिंह, पंकज बिष्ट आदि थे।
जिले में किसानों को 4.90 लाख का मुआवजा दिया
रुद्रपुर। कृषि विभाग के अधिकारियों ने कृषि मंत्री को बताया कि प्रति एकड़ 10 हजार मुआवजे के हिसाब से जिले में अब तक किसानों को चार लाख 90 हजार का मुआवजा मिल चुका है। शेष किसानों को भी जल्द मुआवजा दे दिया जाएगा।