काशीपुर राधेहरि डिग्री कॉलेज में बैबीनार का संचालन करते आयोजक।
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राधेहरि डिग्री कॉलेज काशीपुर, हेमवती बहुगुणा पीजी कॉलेज खटीमा, एमआईईटी हल्द्वानी और उत्तराखंड साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च सेंटर डिपार्टमेंट एंड टेक्नोलॉजी (यूसर्क) देहरादून के रसायन विज्ञान विभाग की ओर से दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया। इस दौरान कोविड-19 की दवाओं में मॉडर्न तकनीक का महत्व बताया।
सोमवार को मॉडर्न इंस्ट्रूमेंट्स एवं करेक्टराइजेशन टेक्निक इन अप्लाइड साइंसेज विषय पर आयोजित वेबीनार का शुभारंभ मुख्य अतिथि दर्जा राज्यमंत्री उच्च शिक्षा बहादुर सिंह बिष्ट ने किया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय वेबिनार रसायन विज्ञान और शोध क्षेत्र में एक नया आयाम स्थापित करेगी। कोविड-19 के समय वर्चुअल टेक्नोलॉजी के माध्यम से अपनी शिक्षा को आगे बढ़ा सकते हैं।
यूसर्क देहराूदन के डायरेक्टर डॉ. दुर्गेश पंत ने न्यूरल नेटवर्क के विकास और रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान, गणित से लेकर इमर्जिंग टेक्नोलॉजी की जानकारी दी। उत्तराखंड मुक्त विवि के वाइस चांसलर डॉ. ओपीएस नेगी ने कहा कि विज्ञान के क्षेत्र में मॉडर्न टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जा रहा है।
ऑर्गेनाइजिंग डायरेक्टर प्रोफेसर कमल किशोर पांडे ने कोविड-19 के इलाज के लिए बनने वाली वैक्सीन और दवाओं में मॉडर्न तकनीकी का महत्व बताया। साउथ अफ्रीका की बाथो यूनिवर्सिटी के एचओडी डॉ. वी विश्नाथन, जर्मनी डॉ. कविता गुप्ता, आईबीटीएसए इंडिया देहरादून के डायरेक्टर डॉ. अभिषेक माथुर ने भी संबंधित विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किए।
राधेहरि डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. चंद्रराम, खटीमा डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरसी पुरोहित ने कार्यक्रम आयोजक डॉ. आशीष कुमार और सहयोगियों को बधाई दी। वेबिनार में देश-विदेश के करीब 4500 प्रतिभागी प्रतिभाग कर रहे हैं। संचालन डॉ. आशुतोष भट्ट, डॉ. ममता बेलवाल, डॉ. शिव कुमार ने किया। वहां डॉ. केसी जोशी, डॉ. पीवीएस चौहान, राजेंद्र प्रसाद आदि थे।