रुद्रपुर। दिनेशपुर-मटकोटा-हल्द्वानी सड़क पर बनने वाले रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) के लिए ऊर्जा निगम के पोल शिफ्टिंग के प्रस्ताव में 18 प्रतिशत की जीएसटी दो बार लगा दी गई। इस प्रस्ताव पर साइट इंजीनियर के हस्ताक्षर तक नहीं थे। इस पर लोनिवि मुख्यालय ने आपत्ति लगा दी है। अब ऊर्जा निगम के साइट इंजीनियर की ओर से प्रस्ताव में सुधार कर लोनिवि मुख्यालय के लिए फाइल भेजने की कार्यवाही की जा रही है।
दिनेशपुर-मटकोटा-हल्द्वानी मार्ग (स्टेट हाईवे) पर दो आरओबी बनने हैं। इसके लिए सेतु बंधन कार्यक्रम के तहत केंद्र सरकार ने सौ करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी दी है। इसमें 17.025 किमी में बनने वाले आरओबी में 45.01 करोड़ और 14.900 किमी में बनने वाले आरओबी में 55.38 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। आरओबी बनने से लोगों को जाम से छुटकारा मिलेगा। फाटक के पास रुकने की बाध्यता समाप्त होने से जनता के समय की भी बचत होगी।
इसके लिए लोनिवि, ऊर्जा निगम, रेलवे ने सर्वे भी किया है। इसमें देखा गया कि अशोक लेलैंड के पास छत्तरपुर मार्ग पर बनने वाले आरओबी में दाएं 45 मीटर और बाएं 15 मीटर दूरी तक रेलवे की भूमि आ रही है। रेलवे यह भूमि लोनिवि को हस्तांतरित करेगा। आरओबी के साथ ही यहां स्थायी सर्विस रोड भी बनाई जाएगी। हल्द्वानी मार्ग पर दोनों ओर रेलवे की भूमि में अस्थायी रूप से सर्विस रोड बनाई जाएगी। ताकि आरओबी बनने तक यातायात सुचारु रहे। आरओबी के निर्माण से पहले ऊर्जा निगम पोल शिफ्ट करेगा। पोल शिफ्टिंग के प्रस्ताव में दो बार जीएसटी लगाने और कई जगह गलतियां करने पर लोनिवि मुख्यालय ने आपत्ति लगा दी है।
टांडा जंगल के पास बनने वाले तीसरी आरओबी को नहीं मिली स्वीकृति
रुद्रपुर। हल्द्वानी मार्ग पर ऊधमसिंह नगर जिले की सीमा के पास प्रस्तावित आरओबी को केंद्र सरकार ने स्वीकृति नहीं दी। लोनिवि के मुताबिक गदरपुर-दिनेशपुर-मटकोटा-हल्द्वानी मार्ग के 24 किमी में बनने वाले आरओबी के लिए शासन से मंजूरी नहीं मिल सकी। रुद्रपुर में सिर्फ दो आरओबी के लिए ही मंजूरी मिली है। संवाद
आरओबी के निर्माण के लिए पोल शिफ्टिंग के प्रस्ताव में मुख्यालय ने आपत्ति लगाई है। ऊर्जा निगम के इंजीनियरों की ओर से आपत्तियों में सुधार किया गया है। सुधारे गए प्रस्तावों को मुख्यालय भेजा जा रहा है। मुख्यालय से स्वीकृति मिलने के बाद पोल शिफ्टिंग आदि के कार्यों को शुरू करवा दिया जाएगा। -राजेंद्र प्रसाद, एई, लोनिवि, रुद्रपुर।