विद्युत विभाग के काशीपुर मंडल को निजी हाथों में देने के फैसले का विरोध मुखर हो गया है। विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त समिति के बैनर तले अधिकारी और कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने निजीकरण के फैसले को रद्द करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
शुक्रवार को मंडलभर से अधिकारी और कर्मचारियों ने विद्युत वितरण खंड में धरना दिया। ऊर्जा ऑफिसर्स एंड स्टाफ एसोसिएशन के केंद्रीय अध्यक्ष डीसी गुरुरानी और आरके वर्मा ने कहा कि काशीपुर मंडल का लाइन लॉस 22 फीसदी से घटकर 12 फीसदी हो चुका है। सरकार रिक्त पदों पर बेरोजगारों को रोजगार देने के बजाए कमीशनखोरों और दलालों को संरक्षण देना चाह रही है। इसे संघर्ष समिति किसी भी हालत में सफल नहीं होने देगी। मंडल को निजी हाथों में देने की निविदा को तत्काल निरस्त किया जाए। चेतावनी दी कि अगर फैसला वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
निजीकरण के खिलाफ मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए विद्युत अधिकारी कर्मचारी संघर्ष समिति काशीपुर का गठन किया गया। इसमें एमआर आर्या संरक्षक, पंकज राय अध्यक्ष, आरके वर्मा सचिव, संतोष उपाध्यक्ष, वीरेंद्र कुमार कार्यवाहक अध्यक्ष, श्याम लाल भूटानी कोषाध्यक्ष और धीरज सैनी संगठन मंत्री चुने गए। उन्होंने एसडीएम दयानंद सरस्वती को सीएम को संबोधित ज्ञापन सौंपा। वहां इंजीनियर विजय कुमार, विवेक कांडपाल, एलडी पांडे, संतोष जोशी, पारुल चौधरी, प्रकाश शाह, कुलदीप राठी, राजेश नेगी, धीरज सैनी, रजनी गुलाटी आदि थे।