रुद्रपुर। तराई के सबसे बड़े रुद्रपुर डिपो की यात्री परिवहन सेवा पुरानी बसों के सहारे चल रही हैं। डिपो के पास वर्तमान में 36 बसों का बेड़ा है। वर्ष 2019 से डिपो को नई बसों का आवंटन ही नहीं हुआ है। इनमें से कई बस कंडम होने के कगार पर पहुंच गई हैं। इसके साथ ही लगभग दस बसें आठ-नौ लाख किमी का सफर तय कर चुकी हैं। दस लाख किमी चलने के बाद बसों को कंडम घोषित कर दिया जाता है। यानी कि आने वाले समय में बसों की संख्या और घट जाएगी।
लगातार घटता जा रहा बसों का बेड़ा
रुद्रपुर। डिपो में बसों का बेड़ा लगातार घट रहा है। तीन साल पहले डिपो के पास 58 बसों का बेड़ा था। तीन साल पहले इनमें से 10 कंडम बसों को नीलाम कर दिया गया लेकिन नीलाम बसों के बदले नई बसों का आवंटन नहीं किया गया। वर्तमान में डिपो की 12 बसों को नीलाम करने की संस्तुति डिपो प्रशासन ने निगम प्रशासन से की है। इन बसों को कई महीने पहले डिपो परिसर में खड़ा कर दिया गया है। इन बसों के सड़क से हटने के बाद डिपो का बेड़ा 36 रह गया है।
47 अनुबंधित बसों का सहारा
रुद्रपुर। रोडवेज डिपो की बस सेवाओं का संचालन एक प्रकार से अनुबंधित बसों पर निर्भर हो गया है। डिपो में 47 अनुबंधित बसों का संचालन किया जा रहा है।
डिपो में बसों की कमी का मामला निगम प्रबंधन के संज्ञान में है। इस मामले को लगातार प्रबंधन के सामने उठाया जाता है। निकट भविष्य में नई बस मिलने की उम्मीद है।
- मधुसूदन मिश्रा, एआरएम, रोडवेज