यात्रियों के बेटिकट पकडे़ जाने की रिपोर्ट नहीं सौंपे जाने पर एआरएम ने सहायक यातायात निरीक्षक रमेश चंद्र का स्थानांतरण काठगोदाम कर दिया। इसके विरोध में रमेश चंद्र श्रीवास्तव रोडवेज के सहायक महाप्रबंधक के दरवाजे पर ही आमरण अनशन पर ही बैठ गया। लेकिन जब लोगों ने बताया कि धारा 144 लागू है तब वह आमरण अनशन स्थगित कर उठ गया।
उधर, रोडवेज एआरएम महेंद्र कुमार ने बताया कि सहायक यातायात निरीक्षक रमेश चंद्र श्रीवास्तव 22 मार्च को ठाकुरद्वारा के पास रामनगर डिपो की दिल्ली जाने वाली बस को दिन में डेढ़ बजे चेक किया तो बस में 14 यात्री बेटिकट पकड़े गए। लेकिन उसने संबधित रिपोर्ट नहीं सौंपी।
जबकि बस चेकिंग के दौरान रमेश चंद की टीम में शामिल यातायात निरीक्षक मित्रपाल व विनोद कुमार भी थे। इन दोनों का कहना है कि उन्होंने बेटिकट यात्री पकड़े जाने संबधित रिपोर्ट टीम प्रभारी रमेश चंद्र सक्सेना को सौंप दी थी। उसने एआरएम कार्यालय में रिपोर्ट क्यों नहीं सौंपी।
इस संबंध में रमेश चंद्र का कहना है कि कार्यालय में बाबू नहीं मिला। रमेश चंद्र ने कहा कि उसका बिना वजह स्थानांतरण कर प्रताड़ित किया जा रहा है। रमेश चंद्र ने बताया कि उसने एसडीएम को घटना के संबंध में बताया था। एसडीएम ने कहा कि एआरएम बात कर मामले को सुलझा लेंगे, लेकिन एआरएम ने उसको कार्यमुक्त कर दिया है।