रुद्रपुर। रोडवेज से संचालित बसों में सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा भगवान भरोसे चल रही है। बसों में मुसीबत की घड़ी में यात्रियों को बचाने वाले इंतजाम ही दम तोड़ते नजर आ रहे हैं।
संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने मंगलवार को रोडवेज बसों की पड़ताल की। इस दौरान किसी बस में फायर एक्सटिंग्विशर नहीं मिला तो किसी गाड़ी में फर्स्ट-एड कीट बॉक्स तक नहीं था। एसी बसों में आग बुझाने के इंतजाम तो थे, लेकिन सामान्य बसों में आग भड़कने पर रोकथाम के कोई उपाय नहीं मिले। बसों में लगे फर्स्ट एड बॉक्स में प्राथमिक उपचार के लिए दवाएं तक नहीं थीं। कुछ बसों में इमरजेंसी दरवाजा खुलने की हालत में नहीं था।
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चालक ने की छिपाने की कोशिश
रुद्रपुर। पड़ताल के दौरान चालक नौकरी की मजबूरी के चलते बसों की बदहाली छिपाते नजर आए। एक चालक ने बताया कि बस में फर्स्ट-एड बॉक्स की व्यवस्था नहीं है लेकिन बस के अंदर जाकर स्थिति देखने की अनुमति देने से इंकार कर दिया। हालांकि कुछ बस चालकों ने खुलकर व्यवस्थाओं के बारे में बोला।
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टिकट लेकर सफर, सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं
रुद्रपुर। रोडवेज बस में टिकट लेकर सफर करने वाला यात्री किराया तो पूरा देता है, लेकिन सुरक्षा के इंतजाम की जानकारी उसे नहीं होती। बस में चढ़ते समय यात्री न तो फायर एक्सटिंग्विशर की जांच करता है और न ही इमरजेंसी एग्जिट खोलकर देख सकता है। हादसा होने पर यही छोटी-छोटी व्यवस्थाएं जिंदगी और मौत के बीच का फर्क बन सकती हैं।
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कोट- बसों के फर्स्ट एड बॉक्स में दवा खत्म होने का मामला संज्ञान में नहीं है। निगम की बसों में डिपो स्तर से दवा उपलब्ध कराई जाती है। हालांकि, अनुबंधित बसों में इन सामान को उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी वाहन स्वामी की ही होती है। -मधूसूदन मिश्रा, एआरएम