कई बार प्रस्ताव भेजने के बावजूद चार किलोमीटर सड़क के लिए नहीं जारी हो पाया 10 करोड़ का बजट
अभियान : सपनों के सड़क की कहानी
रुद्रपुर। महकमे के कई बार प्रयास के बाद भी सरकार की ओर से दो राज्यों को जोड़ने वाली मानुनगर की सड़क के लिए 10 करोड़ रुपये का बजट नहीं मिल पा रहा है। लोक निर्माण विभाग ने पिछले पांच सालों में कई बार सड़क बनाने का संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजा। इसके बावजूद बजट पास नहीं हो सका। मानु नगर के युवाओं की मानें जब से उन्होंने होश संभाला है सड़क खस्ताहाल ही देखी है।
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सड़क पर वाहनों का दबाव
एनएच-74 (काशीपुर रोड) से महतोष मोड़ होते हुए उत्तर प्रदेश के बिलासपुर या नवाबगंज जाने के लिए लोग मानुनगर की सड़क का सहारा लेते हैं। यूपी और उत्तराखंड की सीमा के पास होने के चलते सड़क पर बड़ी संख्या में वाहन दौड़ते हैं। सिखों के ऐतिहासिक शहीद बाबा दीप सिंह और गुरु हर गोविंद सिंह गुरुद्वारा होने पर हर रविवार को काशीपुर, हल्द्वानी, पंजाब से हजारों की संख्या में संगत पहुंचती है। यूपी से उत्तराखंड आने वाले भारी वाहन भी इसी सड़क से होकर गुजरते हैं। इसके चलते यह सड़क हमेशा से ही जर्जर रहती है। इसी सड़क में आयुर्वेदिक अस्पताल व प्रसिद्ध मिरी पिरी खालसा एकेडमी भी है।
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हर प्रदर्शन पर मिला सिर्फ आश्वसन
रुद्रपुर। किसान मोर्चा दक्षिणी मंडल के उपाध्यक्ष बलविंदर सिंह बिल्ला ने बताया कि सड़क बनाने की मांग को लेकर कई बार लोग धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं लेकिन जनप्रतिनिधियों की ओर से हमेशा से ही उन्हें सड़क चकाचक करने का आश्वासन मिलता है। बताया कि लोनिवि की ओर से सड़क की मरम्मत करने के लिए सिर्फ कच्चा माल डालकर छोड़ दिया जाता है। इससे सड़क थोड़े दिनों बाद फिर खराब हो जाती है। बताया कि सड़क निर्माण के लिए एक बार पाइपलाइन शिफ्टिंग का कार्य किया गया था। कुछ कार्य होने पर फिर वह भी बंद हो गया। संवाद
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विधानसभा में भी उठ चुका है सड़क का मुद्दा
रुद्रपुर। पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने बताया कि उत्तराखंड को उत्तर प्रदेश से जोड़ने वाली इस सड़क को लेकर विधानसभा में कई बार मुद्दा भी उठाया गया। लोगों के धरना प्रदर्शन करने के बाद सड़क में पेच वर्क भी कराया गया लेकिन चार किलोमीटर सड़क इतनी जर्जर हो चुकी है कि उसे दोबारा बनाया जाना ही बेहतर है। बताया कि हर विधानसभा में जर्जर सड़क के लिए सरकार से बजट की मांग की गई है लेकिन अभी तक सड़क का बजट जारी नहीं किया गया है। संवाद
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पेच वर्क के कामों के लिए चीफ ऑफिस कार्यालय से लगी आपत्ति
रुद्रपुर। लोनिवि के सहायक अभियंता राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि जर्जर पड़ी सड़क के लिए पेच वर्क का नौ लाख रुपये का प्रस्ताव बनाकर लोनिवि चीफ कार्यालय में भेजा गया था। कई अन्य विभागों के अधिशासी अभियंताओं के प्रस्ताव में हस्ताक्षर नहीं होने के चलते चीफ कार्यालय से प्रस्ताव में आपत्ति लग गई है। अब दोबारा पेच वर्क के लिए प्रस्ताव बनाया जा रहा है। संवाद
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कोट-
जब भी जर्जर सड़क का प्रस्ताव शासन में भेजने की बात होती है तो पहले इसी सड़क का प्रस्ताव संशोधित करके भेजा जाता है। भारत सरकार से 10 करोड़ रुपये बजट की मांग के लिए शासन में प्रस्ताव भेजा गया है। अगर भारत सरकार की ओर से बजट मिल जाता है तो उत्तराखंड से यूपी जाने की मानु नगर की सड़क बन जाएगी। - विनोद प्रसाद डोबरियाल, ईई, लोनिवि रुद्रपुर