रुद्रपुर। मानसून की दस्तक के साथ ही रुद्रपुर में डेंगू और मलेरिया का खतरा बढ़ने लगा है। मौसम में नमी और जगह-जगह जलभराव के कारण मच्छरजनित बीमारियों के संदिग्ध मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। जिला अस्पताल में पिछले एक सप्ताह के दौरान बुखार, प्लेटलेट्स कम होने और मलेरिया के लक्षण वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 15 से 20 मरीज बुखार की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। इनमें कई मरीजों की डेंगू और मलेरिया की जांच कराई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देने की अपील की है। कूलर, गमले, पुराने टायर और छतों पर जमा पानी को सात दिन के भीतर खाली करने, फुल स्लीव कपड़े पहनने और मच्छरदानी के इस्तेमाल की सलाह दी गई है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. केके अग्रवाल ने बताया कि जिले में फॉगिंग और एंटी-लार्वा स्प्रे का अभियान चलाया जा रहा है। सिडकुल, ट्रांजिट कैंप और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में डेंगू वार्ड तैयार रखा गया है और जांच के लिए पर्याप्त किट उपलब्ध हैं।
सीएमओ ने लोगों से अपील की कि बुखार या डेंगू-मलेरिया के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। समय पर उपचार नहीं मिलने पर बीमारी गंभीर रूप ले सकती है।