चोरी का सोना खरीदने के आरोपी सर्राफा व्यापारी के बचाव में आए शहर के सर्राफा व्यापारियों को एसएसपी ने सख्त तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस की इज्जत भी दांव पर लगी है, लिहाजा जिन व्यापारियों ने भी चोरी का सोना खरीदा है वह चुपचाप बरामद करा दें अन्यथा जेल जाने को तैयार रहें।
राजेश एक्सपोर्ट कंपनी से 17 किलो सोना चोरी के हाईप्रोफाइल मामले में गिरफ्तार किए गए प्लांट हेड रमेश सती से पूछताछ में शहर के कुछ सर्राफा व्यापारियों का नाम चोरी का सोना खरीदने में सामने आया है। चोरी हुए सोने की बरामदगी के लिए पुलिस शहर के कई सर्राफा व्यापारियों से पूछताछ कर चुकी है। इसके विरोध में शुक्रवार को शहर के तमाम सर्राफा व्यापारी एसएसपी के कार्यालय आ धमके। उन्होंने एसएसपी अनंत शंकर ताकवाले को दबाव में लेने की कोशिश की। सर्राफा व्यापारियों का कहना था कि सोना चोरी का आरोपी प्लांट हेड लक्जरी गाड़ी में परिवार के साथ आता था और लंबे समय से सोने की खरीद फरोख्त करता था ऐसे में उस पर शक नहीं होता था कि माल चोरी का है।
व्यापारियों ने कहा कि मामले में किसी भी निर्दोष सर्राफा व्यापारी का उत्पीड़न न किया जाए। सर्राफा व्यापारियों की बात सुनने के बाद एसएसपी ने भी तेवर तीखे कर लिए। उन्होंने दो टूक कहा कि इस हाईप्रोफाईल मामले में पुलिस की इज्जत दांव पर लगी है। पुलिस की छवि खराब हो रही है। उन्होंने सर्राफा व्यापारियों से साफ कहा कि जिन व्यापारियों ने भी प्लांट हेड से चोरी का सोना खरीदा है वह चुपचाप पुलिस को बता दें वर्ना जेल जाने के लिए तैयार रहे।
उन्होंने कहा कि मामला डीजीपी स्तर तक पहुंच चुका है और स्वयं डीआईजी इस मामले की जांच कर रहे हैं। खुद चोरी का माल बरामद कराने वाले व्यापारियों को पुलिस सरकारी गवाह बनाकर उनके साथ नरमी बरतेगी। एसएसपी ने कहा कि चोरी का सोना खरीदना संगीन अपराध की श्रेणी में आता है। इस मामले में जो भी दोषी होगा उसका बचना मुश्किल है। इस दौरान निशांत ढल्ला, अजय लूथरा, समीर दत्ता, विजय वर्मा, सूरज पाल, बंटी सहगल, विकास, अनिल वर्मा आदि थे।