नगर निगम द्वारा आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह राजनीति की भेंट चढ़ गया। सांसद कोश्यारी के भाषण के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने जब कोश्यारी जिंदाबाद, भाजपा जिंदाबाद के नारे लगाए तो इससे कांग्रेसी भड़क गए। कांग्रेसियों ने सरकारी समारोह को भाजपाई का निजी कार्यक्रम बनाने का आरोप लगाकर कोश्यारी वापस जाओ, मेयर ऊषा चौधरी वापस जाओ के नारे लगाए। जिससे कोश्यारी भाषण अधूरा छोड़ चले गए।
काशीपुर में 67 वें गणतंत्र दिवस पर नगर निगम ने मंगलवार को समारोह का आयोजन किया था। हर साल की भांति इस साल भी भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता मौजूद थे।
इसी दौरान सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी का भाषण शुरू हुआ। इस बीच लगभग छह वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ता पहुंच गए। सामने की लाइन में कुर्सियां नहीं होने पर एक कार्यकर्ता नाराजगी जताते हुए वापस लौट गया। निगम कर्मियों ने बाकी के लिए आगे कुर्सियां डाल दीं। कोश्यारी अपने भाषण में गणतंत्र दिवस पर कुछ बोले बिना ही सीधे प्रधानमंत्री मोदी का गुणगान करने लगे। इससे उत्साहित भाजपा कार्यकर्ताओं ने कोश्यारी जिंदाबाद, नरेद्र मोदी जिंदाबाद, भाजपा जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। कोश्यारी ने यह कहकर विरोध किया कि कार्यक्रम भाजपा का नहीं सब का है। लेकिन कांग्रेसी भड़क गए। कांग्रेस नगर अध्यक्ष ब्रह्मपाल सिंह, अब्दुल सलीम, पार्षद अब्दुल कादिर, जय सिंह गौतम ने कोश्यारी पर मंच का भाजपाईकरण करने, देश के लिए शहीद होने वालों और गणतंत्र का नाम तक नहीं लेने का आरोप लगाकर कोश्यारी वापस जाओ, मेयर वापस जाओ के नारे लगाने शुरू कर दिए। इस दौरान भाजपा व कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नोकझोंक होने लगी। इससे क्षुब्ध होकर भाषण अधूरा छोड़ कोश्यारी तेजी से मंच से उतरे और चले गए।