पत्नी और दो अन्य कर्मचारियों को भी किया गया नामजद, ऊधमसिंह नगर डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव बैंक की मझोला शाखा का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
खटीमा। पुलिस ने खाताधारकों की डेढ़ करोड़ की फिक्स डिपॉजिट रिसीप्ट (एफडीआर) हड़पने के आरोप में ऊधमसिंह नगर डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव बैंक की मझोला शाखा के दिवंगत शाखा प्रबंधक के खिलाफ केस दर्ज किया है। इस मामले में उनकी पत्नी और दो अन्य कर्मचारियों को भी नामजद किया गया है। सभी पर धोखाधड़ी और अमानत में खयानत की धाराएं लगाई गई हैं।
पीलीकोठी मोहल्ला भूरे खां पीलीभीत निवासी मो. शोएब खान ने तहरीर में कहा कि 2021 में जिले में 40 लोगों के खाते से फर्जीवाड़ा कर धनराशि हड़पने की खबर पढ़ी थी। इसके बाद वह बैंक मुख्यालय रुद्रपुर गए तो वहां भुगतान के बारे में सही जानकारी नहीं मिल सकी। उनसे कहा गया कि मामले में जांच चल रही है।
तहरीर के अनुसार फरवरी 2022 को प्रमुख सचिव और पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर मामले की जांच कराने और आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की गई। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
खुद और पत्नी के नाम से बनवाई थी एफडीआर
खटीमा। मो. शोएब ने कहा कि मझोला बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक मो.शकील की मृत्यु के बाद अगस्त 2021 को शाखा प्रबंधक मदन लाल की ओर से कोतवाली में पत्र भेजा गया था। पत्र में कहा गया कि दिवंगत शाखा प्रबंधक के कार्यकाल में 35 फिक्स डिपॉजिट रिसीप्ट (एफडीआर) खो गई हैं। इसमें से 17 एफडीआर मो.शकील और 12 एफडीआर उसकी पत्नी जोहरा के नाम से बनवाई गई थी। अवधि पूर्ण होने पर 14 सितंबर 2020 को मो.शकील ने अपने और पत्नी के खाते में भुगतान लिया है लेकिन मूल एफडीआर बैंक में जमा नहीं की। एफडीआर में शाखा प्रबंधक, अकाउंटेंट के हस्ताक्षर और बैंक की सील लगी है। संवाद
जांच कमेटी के समक्ष पक्ष रखने के बावजूद नहीं सुनी गई
खटीमा। शिकायकर्ता ने इस मामले में बैंक के अन्य कर्मियों की भी मिलीभगत का आरोप लगाया। साथ ही जांच कमेटी के समक्ष अपना पक्ष रखने के छह महीने बाद भी धन वापसी के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिलने की शिकायत की। पुलिस ने मझौला शाखा के तत्कालीन प्रबंधक दिवंगत मो.शकील, उनकी पत्नी मझौला निवासी जोहरा, बैंक के लिपिक पंकज पांडे और रणधीर सिंह के खिलाफ धारा 409, 420 में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। संवाद