बाजपुर। नगरीय सहित बीस गांवों की भूमि के मामले में देहरादून स्थित राजस्व परिषद न्यायालय में शनिवार को सुनवाई के दौरान राजस्व अधिकारियों और शासकीय अधिवक्ताओं ने शासन पक्ष की रिपोर्ट प्रस्तुत की। सूत्रों की माने तो अब जल्द ही भूमि मामले का फैसला आ सकता है।
फरवरी में डीएम डॉ. नीरज खैरवाल ने नगरीय सहित बीस गांवों की करीब 5838 एकड़ भूमि की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी थी। इससे क्षेत्र के हजारों किसान सहित अन्य लोग प्रभावित हो गए। पीड़ित लोगों ने कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य, कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडेय, काशीपुर विधायक हरभजन सिंह चीमा, समाज कल्याण अनुश्रवण समिति अध्यक्ष राजेश कुमार के समक्ष मामले को रखकर हल कराने की कोशिश की थी। पीड़ितों ने देहरादून जाकर सीएम त्रिवेंद्र रावत से मुलाकात कर भूमि मामले का समाधान कराने की मांग की। उसके बाद 10 अगस्त को भूमि मामले की सुनवाई राजस्व परिषद न्यायालय में शुरू हो गई। 25 अगस्त को परिषद अध्यक्ष ओमप्रकाश के समक्ष किसान और पीड़ित लोगों ने भूमि मामले को प्रमुखता से रखते हुए अधिवक्ताओं के माध्यम से भूमि से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत किए थे। शनिवार को राजस्व परिषद न्यायालय मेें राजस्व अधिकारियों और शासकीय अधिवक्ताओं ने शासन का पक्ष रखा। इधर भूमि मामले को लेकर किसान हरमंदर सिंह बरार, राजू सिंघल, करन शर्मा, कुलवीर सिंह आदि भी देहरादून गए थे।