जसपुर में कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते मौलाना अमीनुल कादरी। संवाद
जसपुर। नौजवान-ए-अहलेसुन्नत ने मंगलवार रात उर्स ग्राउंड में शहीद-ए-आजम कांफ्रेंस का आयोजन किया। इस दौरान महाराष्ट्र से पहली बार जसपुर आए मौलाना अमीनुल कादरी ने कहा कि मुसलमान बच्चों को सहाबा और अहलेबेत की दास्तान सुनाएं।
अल्लाह के रसूल अलेहिस्सलाम ने फरमाया था, कि ऐसे लोगों में तुम्हारे बीच कुरआन और अहलेबेत की मोहब्बत छोड़कर जा रहा हूं जो हुसैन से मोहब्बत करेगा अल्लाह उससे मोहब्बत करेगा। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को चाहिए कि अपने गुनाहों से तौबा करें।
बच्चों को दुनियावी तालीम के साथ दीनी तालीम भी दिलाएं। इससे पूर्व मौलाना हाशमी नूरी ने भी लोगों को संबोधित किया। गुल्फाम रजा हस्सानी, सईद अख्तर ने नाते रसूल पढ़कर समां बांधा। संचालन यूसुफ रजा संभली ने किया। सलातो सलाम और दुआ के बाद कार्यक्रम का समापन किया गया। वहां मौलाना शुएब, मौलाना साजिद, मो. नफीस, गुलजार, मोहसिन, मो. आरिफ आदि मौजूद रहे।