काशीपुर। पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश के चलते डैम से दो हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण ढेला नदी उफान पर आ गई। ढेला के तेज बहाव से एनएच 74 पर लगभग एक साल पहले बने पुल का अप्रोच धराशायी हो गया। एसडीएम की सूचना पर एनएच के नजीबाबाद स्थित कार्यालय से पहुंचे परियोजना निदेशक ने पुल का निरीक्षण किया। जसपुर विधायक आदेश चौहान ने एनएच के अधिकारियों को कार्रवाई के लिए कहा। एसएसपी ने निरीक्षण कर सुरक्षा के मद्देनजर हाईवे पर आवागमन पूरी तरह से बंद करने के निर्देश दिए।
करीब एक साल पहले रुद्रपुर-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग-74 पर सरबरखेड़ा के पास हाईवे को जोड़ने के लिए ढेला नदी पर पुल बनाया गया था। पुल के पास कार्यदायी ठेकेदार कंपनी ने सुरक्षा दीवार नहीं बनाई, जिसका नतीजा यह रहा कि बुधवार को ढेला का जलस्तर एकाएक बढ़ने और तेज बहाव से पुल की नीचे की मिट्टी व कंकरीट आदि बह गया। नीचे का हिस्सा खोखला होने से पुल का एक हिस्सा चंद मिनटों में ही धराशायी हो गया।
एसडीएम अभय प्रताप सिंह की सूचना पर एनएच नजीबाबाद से परियोजना निदेशक राजकुमार नागरवाल व एनएच के मैनेजर जीके सिंह घटनास्थल पर पहुंच गए। मौके पर पहुंचे जसपुर के विधायक आदेश चौहान ने एनएच अधिकारियों की फटकार लगाई। उन्होंने डीएम से फोन पर वार्ता कर दोषियों के निलंबन की मांग की। उन्होंने कहा वह पूर्व में ही इसके निर्माण में गुणवत्ता को लेकर दिशा की बैठक में प्रश्न चिह्न लगा चुके हैं। कार्यदायी कंपनी ने मानक के विपरीत काम किया है। यदि पुल के दोनों छोर पर सुरक्षा दीवार बनाई होती तो यह स्थिति नहीं होती।
क्षतिग्रस्त भाग को बनाने में लगेंगे 20 से 25 दिन
अप्रोच धाराशायी होने की सूचना पर एसएसपी मंजूनाथ टीसी, एसपी अभय सिंह और सीओ वंदना वर्मा पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। एनएच अधिकारियों ने एसएसपी को बताया कि क्षतिग्रस्त भाग को बनाने में 20 से 25 दिन लग जाएंगे। इस पर एसएसपी ने एनएच के अधिकारियों से कहा कि वह लिखित सहमति के बाद ही हाईवे पर यातायात सुचारू कराएंगे। तब तक यातायात को सुल्तानपुर पट्टी से डायवर्ट किया जाएगा। इस मार्ग पर कोई भी छोटा-बड़ा वाहन नहीं आएगा। यदि कोई उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ आपदा अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
हाईटेंशन का पोल पर धराशायी होने के कगार पर
ढेला नदी के तेज बहाव से नेशनल हाइवे के पास ही स्थित एक डेड बिजली लाइन का पोल भी धराशायी होने के कगार पर है। एसएसपी मंजूनाथ टीसी का कहना है कि जब ढेला नदी पर बने पुल का एक हिस्सा धराशायी हो गया तो दूसरे छोर को भी नुकसान पहुंच सकता है।
क्षेत्रवासियों व बड़े वाहन चालकों में देखा गया रोष
राष्ट्रीय राजमार्ग पर क्षतिग्रस्त पुल से पहले खड़े बड़े वाहन चालक भी मौके पर पहुंच गए। आक्रोशित वाहन चालकों और क्षेत्रवासियों ने विधायक आदेश चौहान ने कहा कि जनता की खून-पसीने की कमाई से बना पुल का इस तरह एक साल में ही क्षतिग्रस्त होना शर्मनाक है। उन्होंने कम से कम एक माह तक इस मार्ग पर उनसे किसी भी प्रकार से टोल टैक्स नहीं लेने की मांग की।