रुद्रपुर के जिला अयुर्वेदिक एवं पंचकर्मा अस्पताल की दीवार पर पुट्टी करता मजदूर। संवाद
रुद्रपुर। जिला आयुर्वेदिक एवं पंचकर्म अस्पताल के जर्जर भवन की मरम्मत का कार्य शुरू हो गया है। अस्पताल के चोक सीवर टैंक की साफ-सफाई के साथ ही तीन शौचालय तैयार किए जा रहे हैं। इससे अब अस्पताल के स्टाफ और वहां आने वाले मरीजों को शौचालय की सुविधा मिलेगी।
पुराने जिला अस्पताल भवन में जिला आयुर्वेदिक एवं पंचकर्म अस्पताल चल रहा है। अस्पताल की छत से प्लास्टर गिर रहा था। सरिया तक दिखने लगी थीं। अस्पताल प्रबंधन ने डीएम से भवन निर्माण के लिए भूमि की मांग की थी। लेकिन जमीन न मिलने से हालात जस के तस थे। 25 जनवरी के अंक में अमर उजाला ने इस मुद्दे को अस्पताल की छत से गिरता प्लास्टर और झांकते सरिये दे रहे हादसों को दावत शीर्षक से खबर प्रकाशित करते हुए प्रमुखता से उठाया।
खबर प्रकाशित होते ही डीएम उदयराज सिंह ने पुराने जर्जर अस्पताल के भवन की स्थिति पर जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी से रिपोर्ट मांगी थी और डीएम ने आयुष विभाग से मरम्मत के लिए जारी तीन लाख रुपये के बजट से तत्काल मरम्मत का कार्य कराने के निर्देश दिए थे।
अब अस्पताल की मरम्मत का कार्य तेजी से चल रहा है। अस्पताल में पानी की सुविधा के साथ ही चोक सीवर टैंक व क्षतिग्रस्त शौचालयों को भी दुरुस्त किया जा रहा है। फार्मासिस्ट कार्यालय की जर्जर छत की भी मरम्मत की गई है। - डॉ. आलोक कुमार शुक्ला, जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी