रुद्रपुर। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर कमजोर पड़ने के बाद लोगों के लिए राहत भरी खबर है। काशीपुर ब्लॉक, किच्छा और सितारगंज तहसील में एक भी कोरोना का सक्रिय केस नहीं बचा है। जबकि बाजपुर, गदरपुर, जसपुर, खटीमा व रुद्रपुर में अभी भी कोरोना संक्रमण के सक्रिय केस सक्रिय हैं।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जिले में कोरोना संक्रमण के 28 एक्टिव केस हैं। इनमें 12 संक्रमित मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं और 16 लोग होम आइसोलेशन में इलाज करा रहे हैं। इसके अलावा शनिवार को जिले में चार कोरोना संक्रमित मिले हैं।
वहीं जिले में 2144 लोगों के सैंपल लिए गए हैं। जिले में कोरोना संक्रमण की मौत का आंकड़ा कुछ दिनों से शून्य है। जिले में 18 से 44 आयु वर्ग के 3339 लोगों ने कोवाक्सीन लगवाई। इसमें 2942 लोगों ने पहली डोज जबकि 397 लोगों ने दूसरी डोज लगवाई। इसी तरह 45 प्लस आयु वर्ग के 255 लोगों ने पहली और 512 लोगों ने दूसरी डोज लगवाई।
जिले में रेमडेसिविर के पर्याप्त इंजेक्शन
रुद्रपुर। जिले के सरकारी अस्पतालों में रेमडेसिविर इंजेक्शन की डेढ़ हजार वॉयल उपलब्ध हैं। सूत्रों की मानें तो इंजेक्शन बनाने वाली कंपनी इन्हें वापस लेने से इनकार कर रही है। एसीएमओ डॉ अविनाश खन्ना ने बताया कि निदेशालय से रेमडेसिविर इंजेक्शन जिले में पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि ये इंजेक्शन भविष्य में काम आ सकते हैं। (संवाद)
एनडीआरएफ को अस्पताल के लिए मिले उपकरण
रुद्रपुर। गदरपुर की चीनी मिल में मौजूद एनडीआरएफ बटालियन को अस्पताल संचालन के लिए डीएम ने ऑक्सीजन सिलिंडर और अन्य उपकरण मुहैया कराए हैं। अभी स्टाफ के लिए पांच बेड लगाए गए हैं और जल्द ही इसे बढ़ाकर 20 बेड किया जाएगा। इसके बाद अस्पताल से स्थानीय लोगों को भी इलाज और दवाएं मिल सकेंगी।
गदरपुर चीनी मिल के भवनों में एनडीआरएफ बटालियन रह रही है। बटालियन के लिए हल्द्वानी में चिह्नित 75 एकड़ जमीन में स्थानीय इंफ्रास्ट्रक्चर बनने तक अधिकारियों और जवानों के रहने और बटालियन के कार्यों के संचालन के लिए चीनी मिल के भवनों को तैयार किया जा रहा है।
एनडीआरएफ की तरफ से डीएम को यूनिट के अस्पताल के संचालन के लिए उपकरणों की मांग की गई थी। डीएम रंजना राजगुरू ने अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की ओर से सीएसआर मद से दिए गए उपकरणों को एनडीआरएफ को मुहैया करा दिया है। सीडीओ हिमांशु खुराना ने बताया कि एनडीआरएफ को पांच मल्टी पैरा मॉनीटर, 10 लीटर के पांच ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर, 10 डी टाइप ऑक्सीजन सिलिंडर, पांच बी टाइप सिलिंडर सहित अन्य सामान दिया गया है।
आश्यकतानुसार आगे भी उपकरण मुहैया कराए जाएंगे। इधर एनडीआरएफ के कमांडेंट सुदेश कुमार दराल ने बताया कि यूनिट के अस्पताल का लाभ आम लोगों को भी मिलेगा। क्षेत्र में हादसों की संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन से डिजिटल एक्सरे मशीन के साथ ही अन्य उपकरणों की मांग भी की गई है। अभी अस्पताल में बटालियन के लिए पांच बेड की व्यवस्था की है। लेकिन संसाधन उपलब्ध होने पर इसे बढ़ाकर 20 बेड का किया जाएगा।
चार जगहों पर तैनात है टीम
रुद्रपुर। कमांडेंट सुदेश कुमार ने बताया कि एनडीआरएफ की चार टीमें कुमाऊं और गढ़वाल में तैनात हैं। इनमें पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, उत्तरकाशी और चमोली शामिल हैं। उन्होंने कहा कि बटालियन के लिए चीनी मिल के भवनों को तैयार करने का कार्य कमिश्नर के दौरे के बाद कार्यदायी संस्था की ओर से तेजी से किया जा रहा है। (संवाद)