सितारगंज। पूर्व विधायक नारायण पाल ने कहा कि सरकार सितारगंज में रहने वाले एससी-एसटी और ओबीसी वर्ग के परिवारों को तीन-तीन एकड़ जमीन देकर उनकी भूमि नियमित करती है तो वह कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने को तैयार है। उन्होंने स्थानीय युवाओं की रोजगार में उपेक्षा का भी उठाया मुद्दा भी उठाया।
रविवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में पूर्व विधायक पाल ने कहा कि जब खटीमा के बग्गा चौवन, बिंदुखत्ता के जमीनी मामलों को सुलझाया जा सकता है, तो सितारगंज के लौका, गोठा, इंदिरानगर, उकरौली, लक्ष्मीझाला, कैलाशपुरी के जमीनी विवाद का हल भी हो सकता है। यहां दशकों से रह रहे एससी-एसटी और ओबीसी के सैकड़ों परिवारों की भूमि अधिकारों का समाधान भी सरकार को प्राथमिकता से चाहिए। व्यंग्य करते हुए कहा कि अगर सरकार गरीब एससी-एसटी परिवारों को तीन-तीन एकड़ जमीन देकर उनकी भूमि नियमित करती है तो वहां कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने को तैयार हैं। वहां पूर्व पालिकाध्यक्ष हरीश दुबे, बब्बू खान, आकाश अंसारी, रणजीत सिंह राना, अजय सिंह, पूरन सिंह चौहान, समीर मल्लिक, विक्रम सिंह, मोहन सनवाल, गंगा सागर, शंकर ढाली सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। संवाद