रुद्रपुर। जिले के 2387 आंगनबाड़ी केंद्रों पर इस बार भी पांच तारीख यानी पोषण दिवस पर टीएचआर (टेक होम राशन) नहीं बंट सका। इससे एक लाख 42 हजार बच्चे और 41 हजार गर्भवती, धात्री प्रभावित हुई हैं।
फरवरी में सीडीओ विशाल मिश्रा ने जिला कार्यक्रम अधिकारी उदय प्रताप सिंह और सीडीपीओ के साथ बैठक लेकर मार्च की पांच तारीख को आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत लाभार्थियों को फोर्टिफाइड चावल और गेहूं बांटने के निर्देश दिए थे। रणनीति बनाई गई थी कि आंगनबाड़ी केंद्रों के निकट सस्ते गल्ले की दुकानों से राशन उठाया जाएगा। इसके बाद केंद्रों पर लाकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से लाभार्थियों को राशन वितरित किया जाएगा। छह माह से छह वर्ष तक के बच्चों को एक किलो 650 ग्राम गेहूं और इतना ही चावल, गर्भवती और धात्री को दो किलो 500 ग्राम गेहूं और इतना ही चावल दिया जाना था। मांग के अनुरूप जिले की 10 बाल विकास परियोजनाओं में राशन नहीं मिलने से लाभार्थियों को इसका लाभ नहीं मिला है। बता दें कि नवंबर से लाभार्थियों को राशन नहीं बांटा जा रहा है। पहले सरकार की ओर से लाभार्थियों को टीएचआर में दलिया, पोहा, चौलाई के लड्डू, चना और मसूर दाल आदि खाद्य सामग्री दी जाती थी। लेकिन यह व्यवस्था खत्म कर सरकार ने लाभार्थियों को सिर्फ गेहूं और चावल देने का फैसला लिया है।
कोट-
सरकारी सस्ता गल्ला की दुकान से राशन नहीं मिलने से पोषण दिवस पर लाभार्थियों को गेहूं और चावल नहीं बांटा गया। अब होली के बाद ही लाभार्थियों को राशन वितरण किया जाएगा।
-आशा नेगी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, रुद्रपुर।