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Udham Singh Nagar News: रामनगर में हुए रंगदारी मामले में जेल गया था आतंकी नौशाद

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रुद्रपुर। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की ओर से गूलरभोज निवासी जगजीत उर्फ जग्गा के साथ ही गिरफ्तार आतंकी नौशाद का अतीत में नैनीताल जिले के रामनगर से लिंक रह चुका है। रामनगर में दो साल पहले प्रॉपर्टी डीलर से आठ लाख रुपये की रंगदारी मांगने और धमकी देने के मामले में नौशाद की गिरफ्तारी हुई थी। उस समय घटित हुए मामले में नौशाद का नाम अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा शकील से जुड़ा था। जेल में ही उसकी मुलाकात जगजीत से हुई थी। अब दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां जगजीत के अलावा नौशाद के संपर्क में रहे बदमाशों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
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दिल्ली पुलिस ने 12 जनवरी को दिल्ली से जगजीत और नौशाद की गिरफ्तारी की थी। दोनों ने टारगेट किलिंग को अंजाम दिया था। दोनों के कब्जे से ग्रेनेड, पिस्तौल, कारतूस मिले थे। जगजीत ने कनाडा में मौजूद आतंकी अर्शदीप और नौशाद ने पाकिस्तान में मौजूद हरकत उल अंसार के आतंकी के कहने पर आईएसआईएस की तर्ज पर युवक की बेरहमी से हत्या की थी।
जगजीत के गूलरभोज के कोपा कृपाली गांव का निवासी होने की वजह से जिला पुलिस, खुफिया एजेंसी सतर्क हो गई थी और उसके परिजनों, रिश्तेदारों से जानकारी जुटाने के साथ ही उसके नेटवर्क को तलाशा जा रहा है लेकिन नौशाद का लिंक नैनीताल जिले से मिला है। वहां के रामनगर निवासी प्रॉपर्टी डीलर से बदमाशों ने फरवरी 2020 में जेल में बंद बदमाश के नाम से आठ लाख की रंगदारी मांगी थी लेकिन रकम बेहद कम मिलने पर सितारगंज और लालकुआं निवासी दोनों बदमाशों ने डीलर को घर में जाकर धमकाया था।
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पुलिस ने दोनों बदमाशों के अलावा नौशाद और जेल में बंद चर्चित शूटर के खिलाफ केस दर्ज किया था। इस मामले में नौशाद की गिरफ्तारी हुई थी और उसे हल्द्वानी जेल भेजा गया था। इसी जेल में नौशाद और जगजीत की गहरी दोस्ती हुई थी। जेल से बाहर आने के बाद ये दोस्ती प्रगाढ़ हो गई और दोनों दिल्ली में आतंक फैलाने की साजिश कर टारगेट किलिंग में साथ हो गए। अब पुलिस दो साल पहले रंगदारी मामले में नौशाद के संपर्क में रहे बदमाशों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस को आशंका है कि नौशाद का पुराना लिंक कहीं उसके नेटवर्क को बढ़ाने में इस्तेमाल न हो रहा हो।
एसटीएफ को भी किया सक्रिय
रुद्रपुर। आतंकियों से जुड़ा मामला होने की वजह से पुलिस पूरे मामले की जांच में मिल रही जानकारियां साझा करने से बच रही है। इसलिए बेहद गोपनीय ढंग से जांच की जा रही है। पुलिस, खुफिया एजेंसियों के साथ ही एसटीएफ भी मामले में जानकारी जुटा रही है। पूरे मामले की जांच में तेजतर्रार पुलिस कर्मियों की टीम को लगाया गया है। हालांकि दिल्ली में जिला पुलिस को जगजीत से नहीं मिलने दिया गया था।
केंद्रीय एजेंसियों ने भी डाला है डेरा
रुद्रपुर। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार संदिग्ध आतंकियों ने दिल्ली पुलिस की पूछताछ में उत्तराखंड से हथियार मिलने की बात स्वीकारी है। दोनों को लोकेशन भेजकर अनजान व्यक्ति से हथियार दिलाए गए थे। इसके बाद केंद्रीय एजेंसियों के अधिकारी भी डेरा डालकर गोपनीय ढंग से पूछताछ कर जानकारियां जुटा रहे हैं। हालांकि पैरोल से भागने के बाद एक आरोपी जगजीत यूपी के लखीमपुर खीरी जिले में गया था और दूसरा संदिग्ध नौशाद पाकिस्तान जाने के लिए दो बार नेपाल भी जा चुका है। उत्तराखंड की नेपाल सीमा के आसपास से हथियार मुहैया होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। फिलहाल पूरे मामले में दिल्ली के अलावा उत्तराखंड, पंजाब, यूपी में भी पुलिस समेत कई एजेंसियां जांच में जुटी हैं। फिलहाल इस मामले में अधिकारी कुछ भी बोलने से इनकार कर रहे हैं।
दिल्ली में गिरफ्तार हुआ संदिग्ध आतंकी जगजीत और नौशाद हल्द्वानी जेल में बंद रहे थे। दोनों के किन लोगों से संपर्क थे और जिन अपराध में वे जेल गए, उनमें सहयोगी रहे लोगों को चिह्नित कर पूछताछ की जा रही है। मामला आतंकवाद से जुड़ा होने की वजह से पूरी कार्रवाई गोपनीय ढंग से की जा रही है। - डॉ. नीलेश आनंद भरणे, आईजी कुमाऊं।
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