मूसलाधार बारिश से क्षेत्र में नदियों का जलस्तर बढ़ने से शक्तिफार्म के आधा दर्जन गांवों में जलभराव हो गया। खेत-खलिहान भी पानी से जलमग्न हो गए। नगर में एसडीएम कोर्ट परिसर में बारिश का पानी घुस आया। मंडी में आढ़तियों का अनाज पानी से भीग गया।
सिंचाई विभाग के अनुसार क्षेत्र में मंगलवार की सुबह आठ से बुधवार की सुबह आठ बजे तक 109 मिमी. वर्षा रिकॉर्ड की गई। बैगुल नदी में करीब 25 हजार और कैलाश नदी में 19 हजार क्यूसेक पानी आया। पहाड़ों व क्षेत्र में भारी बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। खेत-खलिहान पानी से जलमग्न हैं तो वहीं नगर के एसडीएम कोर्ट परिसर समेत कई मोहल्लों में जल निकासी न होने से जलभराव हो गया। मंडी समिति के नाले चोक होने से करीब आठ आढ़तियों के गोदामों में पानी घुसने से धान, गेहूं व मढ़ुआ भीगकर खराब हो गया।
शक्तिफार्म के झाड़ी, तिलियापुर, गुरुग्राम, सुरेंद्रनगर, रतनफार्म नंबर एक आदि गांवों में जलभराव हो गया। तहसीलदार जगमोहन त्रिपाठी ने गांवों का दौरा किया। उन्होंने बताया कि नाव की व्यवस्था की जा रही है। बरसात में जो गांव बाढ़ से प्रभावित होंगे, वहां नाव चलाई जाएगी। राहत कैंप पूरी तरह से तैयार कर लिए हैं। बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारी भी निगरानी में लगे हैं। मंडी सचिव एलएम पांडेय ने कहा कि जल निकासी की व्यवस्था कराई जा रही है तो वहीं सिसईखेड़ा गांव में जलभराव से निजात के लिए तहसीलदार ने जेसीबी से नाले का खुदान कराया।
सितारगंज में जोड़ दी है
कीचड़ से सन गई मलिन बस्ती ट्रांजिट कैंप की सड़क
रुद्रपुर। तराई में बुधवार को भी दोपहर तक लगातार रिमझिम बारिश जारी रही। रुद्रपुर बाजार क्षेत्र में कुछ स्थानों पर हल्का जलभराव हुआ। जबकि शहर की मलिन बस्ती ट्रांजिट कैंप की कीचड़ समस्या रही। ट्रांजिट कैंप का मुख्य मार्ग कीचड़ से सन गया। कीचड़ में रपटने से कई राहगीर चोटिल हुए। मौसम वैज्ञानिकों ने जिले में अगले चार दिन तक लगातार हल्की व मध्यम बारिश की संभावना जताई है।
रुद्रपुर में मंगलवार रात रुक-रुक कर हुई हल्की बारिश व बूंदाबांदी के बाद बुधवार तड़के फिर बारिश शुरू हुई। दोपहर तक रिमझिम बारिश का सिलसिला जारी रहा। रुद्रपुर के मुख्य बाजार, अग्रसेन चौक, रुद्रपुर गल्ला मंडी रोड, ट्रांजिट कैंप व काशीपुर बाईपास पर हल्के जलभराव की समस्या रही। बारिश के बचने के लिए रुद्रपुर बाजार और नैनीताल हाईवे पर लोग छाता के साथ गुजरते नजर आए। मलिन बस्ती ट्रांजिट कैंप में लगातार बूंदाबांदी व हल्की बारिश के कारण कीचड़ की काफी समस्या रही।
सफाई न होने से नालियों का पानी व कीचड़ सड़कों पर उतर आया। ट्रांजिट का पूरा मुख्य बाजार कीचड़ से सना नजर आया। इस सड़क पर कुछ साईकिल पर सिडकुल के मजदूर व बाइक सवार युवा रपटकर चोटिल भी हुए। पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के मौमस वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि बुधवार को जिले में कुल 99.8 एमएम बारिश हुई। जिले का अधिकतम तापमान 30 व न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहा। जिले में चार दिन लगातार इसी तरह हल्की व मध्यम बारिश की संभावना है। साथ ही 11 व 12 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।
बैगुल व कैलाश नदी पर सिंचाई कर्मी तैनात
सितारगंज। सिंचाई विभाग के एसडीओ भुवन चंद्र नैनवाल ने बैगुल व कैलाश नदी के तटबंधों व आसपास के गांव निर्मलनगर, बमनपुरी व झाड़ी गांव का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि नदियों का जलस्तर तो बढ़ा है। लेकिन बाढ़ जैसा कोई खतरा नहीं है। नदियों की निगरानी के लिए दो जेई व दो बेलदारों को तटबंधों पर तैनात किया गया है। जो बारिश के दौरान निगरानी करेंगे। संवाद
देवहा नदी के उफनाने से बिचवा-टुकड़ी मार्ग की पुलिया टूटी
नानकमत्ता। पहाड़ व क्षेत्र में झमाझम बारिश से खकरा, देवहा, निहाई व कामन नदियां उफान पर आ गईं। उफनाई देवहा नदी से बिचवा-टुकड़ी मार्ग पर दो फुट ऊपर पुलिया से पानी बहने लगा। देवहा नदी ने तटबंध तोड़ते हुए बिचवा-टुकड़ी मार्ग की पुलिया को क्षतिग्रस्त कर दिया। नदी का पानी बिचवा गांव के कई घरों में घुस गया। मार्ग पर दो फुट तक पानी आने से लोगों को आनेजाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं घरों में पानी घुसने से भी लोगों को दिक्कत झेलनी पड़ी। ग्रामीणों ने एसडीएम से बरसात के दिनों में बाढ़ से बचाव के पुख्ता इंतजाम कराने की मांग की। संवाद
जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा
सुल्तानपुर पट्टी। मैदानी व पहाड़ी क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से बुधवार को कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। कोसी नदी में पानी अधिक आने से इससे सटे ग्राम कोसी काटा, रतनपुरा, हाथी कुंडा, रामजीवनपुर, सुल्तानपुर पट्टी, घोसीपुरा, मुकंदपुर और अजीतपुर पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। बाजार घाट पर कोसी नदी में बनी पिचिंग भी कट चुकी है। चौकी इंचार्ज अनिल जोशी ने बताया कि अधिक बारिश होने के कारण रामनगर बैराज से 10 क्यूसेक पानी छोड़ा जाने की सूचना मिली है। जिसको लेकर आसपास के ग्रामीणों को सावधान रहने और कोसी नदी में नही जाने के सख्त निर्देश दिए है। संवाद
बारिश का पानी घरों में घुसने से परेशान रहे लोग
बाजपुर। बारिश से कई स्थानों पर जलभराव हो गया। जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बुधवार को सुबह से दोपहर तक रुक-रुक बारिश होती रही। बारिश के दौरान गांव बरहैनी स्थित नई कॉलोनी निवासी जगदीश सिंह पूरन सिंह, अजय आर्य के घरों में पानी घुस गया। समाजसेवी वीरेंद्र सिंह बिष्ट ने बरहैनी की नई कालोनी में पानी निकासी की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है। इधर, झारखंडी मार्ग पर गडरी नदी पुल के कटाव स्थल पर सिंचाई विभाग की ओर से किए गए मिट्टी भरान से कीचड़ हो गई। जिससे लोगों का पुल से गुजरना मुश्किल हो गया। संवाद
नदी-नालों का जल स्तर बड़ा
खटीमा। दो दिन से हो रही लगातार बारिश से नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी रही। इस दौरान नदी, नाले, नालियां उफान की स्थिति में रहे। मूसलाधार बारिश से नगर का मुख्य चौराहा, कंजाबाग तिराहा, राजकीय पशु चिकित्सालय परिसर, सहकारी समिति परिसर, ब्लॉक परिसर, कोतवाली, कंजाबाग रोड सहित विभिन्न कालोनियों जलमग्न स्थिति में रही।
इधर, आदर्श कॉलोनी, देवभूमि कॉलोनी, बस्ती वार्ड संख्या 15 ऐठा एवं खकरा नाले के उफान में फंसा कचरा नगर पालिका की जेसीबी से निकाला गया। इधर, एसडीएम निर्मला बिष्ट ने बाढ़ कंट्रोल रूम को किसी भी स्थिति से निपटने संबंधी आवश्यक निर्देश दिए। तहसीलदार यूसुफ अली ने नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र में बचाव एवं राहत संबंधी कार्य किए।
इधर, रोडवेज से प्रेम टॉकीज, वेस्टव्यू मार्ग निकासी के अभाव में चलते वार्ड जलमग्न हालत में रहा। इधर, बारिश से नदी नाले उफनाने लगे। विधायक पुष्कर सिंह धामी ने भी मेलाघाट में जगबूड़ा नदी के जल स्तर का जायजा लिया। जीआईसी मौसम केंद्र प्रभारी नरेंद्र रौतेला ने बताया कि सुबह साढ़े आठ बजे तक 24 घंटे में 193 एमएम बारिश दर्ज हुई। इधर, सिंचाई विभाग एई पीसी मिश्रा ने बताया कि सुबह जगबूड़ा नदी का जलस्तर 18400 क्यूसेक, कामन नदी 6500, परवीन नदी का जल स्तर 2000 क्यूसेक दर्ज हुआ। नगर में खकरा, ऐंठा नाला भी उफनाया लेकिन बाद में पानी कुछ कम हुआ।
बारिश ने खोली एनएच और पालिका की पोल
खटीमा। दो दिनों की बारिश ने एनएचआई सहित नगर पालिका के विकास कार्यों की पोल खोल दी। नगर के सौंदर्यीकरण में खर्च साढ़े 19 करोड़ का लाभ आम जनता को नहीं मिल पा रहा है। एनएच के डामरीकरण एवं नाली की बीच का हिस्सा सितारगंज रोड से टनकपुर तक नाले के आकार में था। रोड का पानी एनएच की नाली के बजाय नगर के मुख्य चौराहे एवं टनकपुर रोड की तरफ बह रहा था।
पेड़ गिरने से मार्ग एक घंटे मार्ग अवरुद्ध
खटीमा। पीलीभीत रोड गुजिया नंबर 3 एस टू एस के समीप मार्ग में बुधवार सात बजे पेड़ गिर जाने से लगभग एक घंटे मार्ग बंद रहा। इस दौरान अवरुद्ध मार्ग में दोनों तरफ सैकड़ों वाहन जाम में फंस गये। बाद में कुछ समाजसेवियों एवं पुलिस के सहयोग से बमुश्किल मार्ग खुलवाया।
बिजली घर के पैनल में पानी घुसने से 10 घंटे बिजली गुल
खटीमा। ऊर्जा निगम के कंजाबाग स्थित बिजली घर के पैनल में पानी घुसने से नगर के बड़े हिस्से के साथ ही चकरपुर, पहेनिया आदि फीडर से जुड़े गांवों में 10 घंटे से अधिक बिजली गुल रही। ऊर्जा निगम के एई पवन उप्रेती ने बताया कि शाम 4 बजे से ट्रायल हुआ। देर शाम तक आपूर्ति सुचारु कर दी गई।
जेसीबी से पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त, नगर में आपूर्ति ठप
खटीमा। ऐठा नाले में फंसे कचरे को निकालते समय नगर पालिका की जेसीबी ने जल संस्थान की पेयजल लाईन ध्वस्त कर दी। इस कारण नगर की जलापूर्ति बाधित हो गई। जल संस्थान के जेई एनके जोशी ने बताया कि 12 इंच की पाइप लाइन ध्वस्त हो गई है। कहा कि नाले का जलस्तर कम होने पर ही लाइन ठीक की जाएगी। संवाद
सितारगंज में बरसात के पानी से एसडीएम कोर्ट परिसर में भरा पानी।- फोटो : SITARGANJ