खटीमा। मेलाघाट मार्ग स्थित रेलवे फाटक के बंद होने पर शहर की यातायात व्यवस्था पटरी से उतर रही है। लंबे समय से रेलवे फाटक के पास वाहनों के गुजरने के लिए कभी अंडरपास, तो कभी ओवरब्रिज बनाने के प्रयास हुए लेकिन शहर की इस प्रमुख समस्या का हल नहीं निकल पाया है।
वर्तमान में खटीमा और टनकपुर के दो मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन भी हो रहा है। इस रूट से प्रतिदिन गुजरने वाले एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनों की आवाजाही से एक दिन में मेलाघाट मार्ग स्थित रेलवे फाटक 22 बार बंद होता है। फाटक बंद होते समय खटीमा मुख्य चौक और राजीव नगर चौराहे के पास तक वाहनों की कतार नजर आती है।
मेलाघाट मार्ग से स्थानीय लोगों के राजीव नगर, पकड़िया, ऊंची महुवट, संतना, झनकईया, मेलाघाट के लिए आवाजाही करने के साथ ही इस मार्ग से यूपी के माधोटांडा, पूरनपुर, लखनऊ, बहराइच, पीलीभीत के आदि शहरों के अलावा नेपाल देश के लोग भी यहां से गुजरते हैं जिस कारण इस मार्ग काफी भीड़भाड़ रहती है।
भारी वाहन भी इस मार्ग से गुजरते हैं। ऐसे में आधे घंटे से भी कम अंतराल में रेलवे फाटक के बंद होने से लोगों को काफी असुविधा होती है। इन दिनों गर्मी के चलते दोपहर के समय बंद रेलवे फाटक के पास खड़े वाहन चालक काफी परेशान नजर आ रहे हैं।
एक दशक से उठ रही है ओवरब्रिज बनाने की मांग
मेलाघाट मार्ग पर ओवरब्रिज बनाने की मांग डेढ़ दशक से अधिक समय से चल रही है। इसका प्रस्ताव केंद्रीय रेलवे मंत्री तक को भेजा जा चुका है। बीच में लोगों ने अंडरपास बनाने की भी मांग उठाई थी। हालांकि वर्तमान में एक बार फिर मेलाघाट मार्ग पर ओवरब्रिज बनाने के लिए शासन स्तर से प्रयास चल रहे हैं। देखना होगा कि कब तक इस पर अमली जामा पहनाया जाता है।
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वर्तमान में मेलाघाट मार्ग स्थित रेलवे फाटक दिन में 22 बार बंद हो रहा है। दो मेला स्पेशल ट्रेनों का भी संचालन हो रहा है। मेलाघाट रेलवे फाटक के पास अंडरपास अथवा ओवरब्रिज निर्माण के संबंध में कोई सूचना नहीं हैं। - कौशल कुमार, खटीमा रेलवे स्टेशन अधीक्षक