रुद्रपुर। उत्तर पूर्वी रेलवे ने 2026-27 के लिए स्वीकृत कार्यों में ट्रैक सुरक्षा और स्मूथ ऑपरेशन को प्राथमिकता दी है। इस बार जारी रेलवे की परियोजना सूची के तहत दो अहम परियोजनाएं सामने आई हैं जो कुमाऊं और तराई क्षेत्र के रेल नेटवर्क को सीधे तौर पर मजबूत करेंगी।
इसके तहत रामपुर-काठगोदाम सेक्शन में 20 सेट टर्नआउट बदलने का कार्य किया जाएगा जिस पर 4.94 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह काम खास तौर पर ट्रेनों की स्पीड और सुरक्षा के लिहाज से बेहद उपयोगी होता है।
टर्नआउट यानी वह पॉइंट जहां से ट्रेन एक ट्रैक से दूसरे ट्रैक पर जाती है। इसकी गुणवत्ता सीधे दुर्घटना जोखिम और संचालन दक्षता से जुड़ी होती है।
इसके अलावा लालकुआं-काशीपुर, मुरादाबाद-रामनगर और रामपुर–काठगोदाम सेक्शन पर बैलास्ट और ट्रैक बेड सुधार का कार्य प्रस्तावित है जिसकी लागत 3.95 करोड़ रुपये है। इस कार्य से ट्रैक की स्थिरता बढ़ेगी, झटके कम होंगे और भारी बारिश या मौसम के प्रभाव में भी ट्रैक सुरक्षित रहेगा।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक संजीव शर्मा का कहना है की इन सुधारों के बाद काठगोदाम रूट पर ट्रेनों की नियमितता बेहतर होगी और मालगाड़ियों की आवाजाही भी ज्यादा सुचारू हो सकेगी। पर्यटन और स्थानीय व्यापार के लिए भी यह सकारात्मक संकेत है।