काशीपुर। उत्तराखंड में कई पुल जर्जर हालत में हैै। इन पुलों की सुरक्षा मियाद निकल चुकी हैै। इसके बावजूद इन पुलों की पूर्ण संख्या की सूचना लोनिवि मुख्यालय में उपलब्ध नहीं हैै। सूचना मांगने पर सूचना आवेदक को जिलावार पुलों की संख्या की सूचना उपलब्ध कराते हुए विभाग के 65 लोक सूचना अधिकारियों से जर्जर और मियाद पूरी कर चुके पुलों की सूचना लेने को कहा गया हैै।
काशीपुर निवासी आरटीआई कार्यकर्ता नदीम उद्दीन ने लोनिवि के मुख्यालय/प्रमुख अभियंता कार्यालय के लोक सूचना अधिकारी से मियाद पूरी हो चुके यातायात को असुरक्षित और जर्जर पुलों की जिलावार संख्या की सूचना मांगी थी। मुख्यालय के लोक सूचना अधिकारी/वरिष्ठ स्टाफ ऑफिसर ने जिलावार पैदल और मोटर पुलों की संख्या की सूचना तो उपलब्ध करा दी लेकिन सुरक्षा मियाद पूरी हो चुके, जर्जर और यातायात के लिए असुरक्षित पुलों की सूचना मुख्यालय में उपलब्ध नहीं होने की बात कही गई।
सूचना के संबंध में कहा गया कि प्रदेश के 65 अधिशासी अभियंता कार्यालयों से संबंधित सूचना ली जा सकती है। नदीम को उपलब्ध सूचना में प्रदेश में कुल एक लाख पांच हजार 359 मीटर लंबाई के 3451 पुल हैै। इनमें 43511.31 मीटर लंबाई के 1260 पैदल पुल शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 61847.78 मीटर कुल लंबाई के 2191 मोटर पुल शामिल हैं।
ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार में नहीं हैं पैदल पुल
काशीपुर। नदीम को उपलब्ध सूचना के अनुसार ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार जिले को छोड़कर सभी 11 जनपदों में पैदल पुल हैैं। इसमें सर्वाधिक 216 पुल चमोली, 186 पिथौैरागढ़, 166 पुल उत्तरकाशी औश्र 148 पुल पौड़ी जिले में स्थित हैैं। अन्य जिलों में टिहरी में 87, देहरादून में 23, रुद्रप्रयाग में 93, चंपावत में 57, बागेश्वर में 119, अल्मोड़ा में 124 और नैनीताल में 41 पुल शामिल हैं। वहीं, उत्तराखंड के कुल 2119 मोटर पुलों में 312 राष्ट्रीय राजमार्गों पर जबकि 1879 जनपदों में अन्य मार्गों पर स्थित हैैं। सर्वाधिक 215 मोटर पुल जनपद अल्मोड़ा में, 198 बागेश्वर जनपद, 193 चमोली, 189 पौड़ी, 187 टिहरी मेें स्थित हैैं। अन्य जनपदों में 153 उत्तरकाशी, 146 देहरादून, 86 हरिद्वार, 11 पिथौरागढ़, 71 चंपावत, 128 नैनीताल और 145 ऊधमसिंह नगर जिले में हैं।