क्षेत्र में गैरमान्यता के संचालित स्कूलों के खिलाफ जिला प्रशासन की नींद टूट गई है। डीएम द्वारा गठित टीम ने आज क्षेत्र में चल रहे गैरमान्यता प्राप्त स्कूलों में छापेमारी की। चार स्कूलों में स्कूल बंद करने के नोटिस चस्पा किए। मुख्य शिक्षाधिकारी ने सीआरसी समन्वयकों को अन्य गैरमान्यता के संचालित स्कूलों को तत्काल नोटिस जारी कर बंद कराने के निर्देश दिए।
सितारगंज ब्लाक क्षेत्र में गैर मान्यता के करीब 20 स्कूल चल रहे हैं। इस मामले को अमर उजाला ने 30 मार्च के अंक में 'प्ले स्कूलों के नाम पर शिक्षा के साथ खेल' नामक शीर्षक से प्रमुखता के साथ खबर छापी थी। जिसके बाद आज जिला प्रशासन जागा।
जिलाधिकारी अक्षत गुप्ता ने गैर मान्यता के चल रहे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के लिए टीम का गठन किया। बुधवार को गठित टीम ने क्षेत्र के गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों में छापेमारी की। इस दौरान सरकड़ा गांव के न्यू विजन पब्लिक स्कूल, वीरेंद्रनगर गांव के संत सद्गुरु रविदास पब्लिक स्कूल, पंडरी के वननैंस पब्लिक स्कूल समेत चार स्कूलों का निरीक्षण कर तीन दिन के भीतर स्कूल बंद करने या फिर मान्यता के पत्रावलियां दिखाने का अल्टीमेटम देते हुए नोटिस चस्पा किए।
इसके अलावा मुख्य शिक्षाधिकारी डा. नीता तिवारी ने बीआरसी समन्वयक सुरेश चंद्र उप्रेती को सीआरसी के माध्यम से गांधी निकेतन पब्लिक स्कूल रूदपुर, वार्ड तीन के इस्लामिया पब्लिक स्कूल, सितारगंज सनराइज पब्लिक स्कूल, पचपेड़ा के एनएन कान्वेंट, तपेड़ा के आरएमसी पब्लिक स्कूल, सुरजीत सिंह पब्लिक स्कूल धुसरा, कल्याणपुर के डीएलएम पब्लिक स्कूल, नगला के टैगोर पब्लिक स्कूल, इस्लामनगर के मदर टेरेसा पब्लिक स्कूल व गोरीखेड़ा के जीपीएम पब्लिक स्कूल को तत्काल नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। बताया कि निरीक्षण के दौरान पांच स्कूल बंद होना सामने आया है।
कहा कि 16 अप्रैल तक अगर स्कूल बंद नहीं हुए या मान्यता की पत्रावलियां नहीं दिखाई गई तो आरटीई कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। टीम में सीईओ डा. नीता तिवारी, एसडीएम अनिल शुक्ला, डीईओ बेसिक डीसी सती, उप शिक्षाधिकारी सुषमा गौरव, बीआरसी समन्वयक सुरेश उप्रेती, सीआरसी समन्वयक हृदेश चौहान, ललित मोहन मेहरा आदि थे।