ठेलियों में ‘गल’ रही सस्ता गल्ला की दुकानों से मिलने वाली दाल
रुद्रपुर। सरकार की ओर से गरीब परिवारों को मिलने वाली दाल बाजार में फड़ और ठेलियों पर बिक रही है। सस्ता गल्ला विक्रेताओं से दाल खरीदने के बाद उपभोक्ता मुनाफे के चक्कर में उसे बाजार में बेच रहे हैं। ताजा मामला गुड़ मंडी के पास का है। ठेली कारोबारी का कहना है कि उसे 70 रुपये किलो के हिसाब से एक व्यक्ति मसूर और चने की दाल देकर गया।
इसके अलावा शहर की अन्य दुुकानों में भी सरकारी राशन बेचा जा रहा है। जिले में दो लाख से अधिक बीपीएल और अंत्योदय कार्ड धारकों को प्रत्येक माह चावल और गेहूं के अलावा मुख्यमंत्री दाल पोषित योजना के तहत मसूर और चने की साबुत दाल दी जा रही है।
सस्ता गल्ला की दुकानों पर दालें 50 से 60 रुपये प्रति किलो की दर से दी जाती हैं। इधर, देखने में आ रहा है कि दाल को लेने के बाद उपभोक्ता इसे बाजार में दाल-चावल के फड़-ठेलों पर बेच रहे हैं। गुड़ मंडी के पास एक ठेले पर रंपुरा के युवक ने मसूर और दाल के कई पैकेट बेच दिए। इसके अलावा भी बाजार में दाल को मुनाफे के चक्कर में बेचा जा रहा है।
चने और मसूर की साबुत दाल बीपीएल, अंत्योदय कार्ड धारकों को न्यूनतम दरों पर बेची जाती है। यदि दाल को बाजार में बेचा जा रहा है तो यह गंभीर मामला है। इस बारे में अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। बाजार में दाल बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - अनीता तिवारी, पूर्ति निरीक्षक।
मुख्यमंत्री दाल पोषित योजना के तहत गरीबों को पौष्टिक दाल का वितरण किया जा रहा है। इस दाल को कार्डधारक बाजार में फड़, ठेलों पर बेच रहे है तो यह चिंता की बात है। प्रभारी डीएसओ को इस संबंध में जांच के आदेश दिए जाएंगे। - राहुल शर्मा, खाद्य उपायुक्त।