Now Affordable treatment in BHU Hospital, 90 per cent of cheap medicines available
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रुद्रपुर। मेडिकल स्टोरों पर बिकने वाली महंगी दवाओं के जाल में फंसे मरीजों को अब कुछ राहत मिलती दिखने लगी है। अमर उजाला की खबर के बाद जिला अस्पताल आने वाले मरीज प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र पहुंचने लगे हैं। इससे मरीजों को सस्ते दामों पर उच्च गुणवत्ता की दवा उपलब्ध हो पा रही है। मंगलवार को मरीजों की जेब पर डॉक्टरों की नजर शीर्षक से अमर उजाला ने महंगी दवाओं और डॉक्टरों को मेडिकल स्टोर से मिलने वाले कमीशन के बारे में प्रमुखता से छापा था। इसके बाद मरीजों में जागरूकता बढ़ी है।
प्रधानमंत्री योजना के तहत अप्रैल 2016 में रुद्रपुर में जेनेरिक दवाओं का जनऔषधि केंद्र खोला गया था। जो एक साल बाद भी मरीजों की बाट जो रहा था। दिनभर में 50 मरीज भी जनऔषधि केंद्र नहीं पहुंच पा रहे थे। इसकी सबसे बढ़ी वजह डॉक्टरों द्वारा मरीजों के दवा पर्चे पर जेनेरिक दवाओं का नाम न लिखना था। खबर छपने के बाद सकते में आए डॉक्टरों ने मरीजों के पर्चे पर जेनेरिक दवाओं का नाम लिखना शुरू कर दिया है। इसका असर यह रहा है कि मरीज डॉक्टरों की हिदायत के बाद ढूंढते-ढूंढते काशीपुर रोड स्थित गाबा चौक पर बने प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र पहुंचने लगे हैं। सोमवार को जहां जनऔषधि केंद्र सूना पड़ा था, वहीं मंगलवार को केंद्र पर मरीज एवं तीमारदार दवा लेने पहुंचे।
रुद्रपुर। अमर उजाला में जनऔषधि केंद्र की खबर छपने के बाद दवा लेने पहुंचे मरीजों ने अमर उजाला को बताया कि जिला अस्पताल से जनऔषधि केंद्र बहुत दूर है। ऐसे में बाहर से आने वाले मरीजों एवं तीमारदारों को करीब चार किमी चलकर या रिक्शा से केंद्र आना पड़ रहा है। गदरपुर से आई गीता ने बताया अगर प्रशासन प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र जिला अस्पताल में भी खोल दे तो मरीजों का बोझ कम हो जाएगा। किच्छा से दवा लेने आए नाजिम का भी यही कहना था कि जिला अस्पताल में भी जेनेरिक दवाओं की सुविधा मिलनी चाहिए। जनऔषधि केंद्र के संचालक शशांक गर्ग ने कहा कि अगर प्रशासन से अनुमति मिल जाए तो वह सरकारी अस्पताल में ही दवा केंद्र खोलने के लिए तैयार हैं।